छत्तीसगढ़

वर्दी में हेलो रानी, हाय रानी गाकर रील बनाना पड़ा महंगा, बिलासपुर में थाने के आरक्षक पर गिरी गाज, SSP ने किया लाइन अटैच


वर्दी का दुरुपयोग कर अशोभनीय आचरण प्रदर्शित करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने आरक्षक को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया …और पढ़ें

Publish Date: Tue, 07 Apr 2026 09:03:48 PM (IST)Updated Date: Tue, 07 Apr 2026 09:03:48 PM (IST)

वर्दी में हेलो रानी, हाय रानी गाकर रील बनाना पड़ा महंगा, बिलासपुर में थाने के आरक्षक पर गिरी गाज, SSP ने किया लाइन अटैच
पत्नी के साथ रील बनाना आरक्षक को पड़ा भारी।

HighLights

  1. बिलासपुर में खाकी की मर्यादा हुई तार-तार
  2. पत्नी के साथ रील बनाना आरक्षक को पड़ा भारी
  3. वायरल होने के बाद SSP ने किया लाइन अटैच

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। मस्तूरी थाने में पदस्थ एक आरक्षक को पुलिस यूनिफार्म में सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर रील बनाना भारी पड़ गया है। वर्दी का दुरुपयोग कर अशोभनीय आचरण प्रदर्शित करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने आरक्षक को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है। पुलिस विभाग के मापदंडों के विपरीत कार्य करने पर यह कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।

विभागीय गरिमा के प्रतिकूल पाया गया कृत्य

बिलासपुर पुलिस विभाग में अनुशासन बनाए रखने के लिए एसएसपी ने सख्त रुख अपनाया है। मस्तूरी थाने में पदस्थ आरक्षक क्रमांक 1372 देवानंद कैवर्त का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में आरक्षक पुलिस यूनिफार्म पहनकर पत्नी के साथ संबलपुरी गाना ‘हलो रानी-हाय रानी’ में रील बनाता नजर आया। मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद इसकी जांच की गई, जिसमें आरक्षक का यह कृत्य पुलिस की गरिमा और विभाग के उत्कृष्ट मापदंडों के प्रतिकूल पाया गया।

थाने से हटाकर रक्षित केंद्र बिलासपुर भेजा गया

कार्यालय पुलिस उप महानिरीक्षक रजनेश सिंह ने आदेश जारी कर कहा कि वर्दी का दुरुपयोग करना अशोभनीय आचरण की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर आरक्षक देवानंद कैवर्त को तत्काल प्रभाव से मस्तूरी थाने से हटाकर रक्षित केंद्र बिलासपुर भेज दिया। उनका कहना है कि वर्दी की मर्यादा का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिले में पुलिस कर्मियों को सोशल मीडिया के उपयोग के दौरान वर्दी की मर्यादा बनाए रखने की सख्त हिदायत भी दी है।

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‘अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं, समझें वर्दी की गरिमा’

एसएसपी रजनेश सिंह का कहना है कि पुलिस विभाग में अनुशासन सर्वोपरि है और वर्दी उसकी गरिमा का प्रतीक है। वर्दी पहनकर निजी इच्छाओं की पूर्ति या अनुचित गतिविधियां करना कतई स्वीकार्य नहीं है। हाल के दिनों में वर्दी में रील बनाने की घटना पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इस प्रकार की हरकतें विभागीय मर्यादा के खिलाफ हैं। एसएसपी ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि वर्दी की गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और अनुशासनहीनता को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



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