छत्तीसगढ़

ट्रेन में हनीमून:यात्रियों की मौज पर कर्मचारी को सजा क्यों? Video वायरल होने के बाद रेलवे ने बताया असली नियम – Indian Railways Clarification On Nandigram Express First Ac Coupe Decoration Viral Video Tte Suspended


सोशल मीडिया स्क्रॉल करते हुए क्या आपकी नजर भी उस वीडियो पर पड़ी, जिसमें ट्रेन का पूरा केबिन किसी फाइव स्टार होटल के रोमांटिक रूम जैसा चमक रहा है? जी हां, चलती ट्रेन में ‘हनीमून सुइट’ बनाने का यह वीडियो इंटरनेट पर खूब वायरल है। हालांकि, अब सुरक्षा में इतनी बड़ी लापरवाही पर रेल मंत्रालय का हंटर चला है।

रेलवे ने मौके पर तैनात जिम्मेदार रेल कर्मचारी को सीधे नौकरी से सस्पेंड कर लाइन हाजिर कर दिया है। इतना ही नहीं, हाई-लेवल विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। अमर उजाला से खास बातचीत में रेलवे ने साफ-साफ कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से ऐसा खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। आइए जानते हैं कि आखिर क्या है इस पूरे कांड की इनसाइड स्टोरी।

क्या यात्रियों को केबिन सजाने की आजादी है?

अमर उजाला से बातचीत में रेलवे अधिकारियों ने नियमों की स्थिति स्पष्ट की। अधिकारियों के मुताबिक, अगर किसी यात्री ने पूरा कूप या केबिन बुक किया है, तो वह उसकी अपनी निजी जगह की तरह होता है। यात्री वहां अपनी खुशियों के लिए सामान्य सजावट कर सकते हैं। लेकिन, इसके लिए रेलवे ने कुछ बेहद कड़े नियम और शर्तें तय की हैं।

संपत्ति को नुकसान नहीं: गुब्बारे या फूल लगाते समय ट्रेन की दीवार, पेंट या लाइट को कोई खरोंच नहीं आनी चाहिए।

यात्रियों को परेशानी नहीं: आपकी वजह से सह-यात्रियों को कोई असुविधा या दिक्कत नहीं होनी चाहिए।

नो स्मोकिंग, नो फायर: चलती ट्रेन में मोमबत्ती, माचिस, पटाखे या कोई भी ज्वलनशील सामग्री ले जाना पूरी तरह बैन है।

शूटिंग के कड़े नियम: ट्रेन या स्टेशन पर कमर्शियल शूटिंग या प्रमोशनल वीडियो के लिए रेलवे से बकायदा लिखित मंजूरी लेना जरूरी है।

 


ये वाली रस्म अब ट्रेन में भी पूरी कर सकते है 😮😮😮😮 pic.twitter.com/KJX0k8fcqJ


— HasnaZarooriHai🇮🇳 (@HasnaZaruriHai) July 8, 2026

फिर टीटीई साहब पर गाज क्यों गिरी?

जब नियम में कूप बुक करने के बाद निजी स्पेस इस्तेमाल करने की छूट है, तो फिर ऑन-ड्यूटी चीफ टिकटिंग इंस्पेक्टर गिरीश कुमार को सस्पेंड क्यों किया गया? अमर उजाला ने जब रेलवे के आला अधिकारियों से तीखे सवाल पूछे, तो इसके पीछे की गंभीर वजह सामने आई। कार्रवाई सजावट पर नहीं, बल्कि सुरक्षा में सेंधमारी पर हुई है। इस कार्रवाई के पीछे मुख्य वजहें निम्नलिखित हैं:-

बाहरी वेंडर की एंट्री: यात्रियों ने खुद सजावट नहीं की थी। उन्होंने जालना के ‘राहत डेकोरेटर’ को काम सौंपा था।

बिना अनुमति प्रवेश: डेकोरेटर का आदमी जालना स्टेशन पर चुपके से फर्स्ट एसी कोच में घुस गया। उसने रेलवे प्रशासन को कोई जानकारी नहीं दी।

सुरक्षा से समझौता: किसी भी बाहरी व्यावसायिक व्यक्ति का इस तरह ट्रेन में घुसना यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है।

क्या है पूरा मामला?

यह वाकया छह जुलाई 2026 का है। शुभम और सोनाली ने बलहारशाह-मुंबई नंदीग्राम एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 11002) में फर्स्ट एसी का ‘जी कूप’ बुक किया था। उनकी बर्थ संख्या 19 और 20 थी। उन्हें छत्रपति संभाजीनगर से इस ट्रेन में सवार होना था। लेकिन उनके बैठने से पहले ही जालना स्टेशन पर केबिन को फूलों, एलईडी लाइटों, और लाल-सफेद गुब्बारों से चमका दिया गया था। सीट पर गुलाब की पंखुड़ियों से ‘आई लव यू’ भी लिखा गया था।

मामले से जुड़ी पांच बड़ी बातें


  • रेलवे ने साफ किया कि पूरा कूप बुक होने पर यात्री सामान्य सजावट कर सकते हैं।

  • ट्रेन की दीवारों को नुकसान पहुंचाना या मोमबत्ती जलाना कानूनी रूप से अपराध है।

  • जालना के डेकोरेटर का ट्रेन में बिना अनुमति घुसना सुरक्षा में गंभीर चूक माना गया।

  • लापरवाही के आरोप में नांदेड़ डिवीजन के सीटीआई श्री गिरीश कुमार को सस्पेंड कर दिया गया।

  • लवे ने इस पूरे मामले की गहराई से जांच के लिए उच्च स्तरीय विभागीय इंक्वायरी के आदेश दिए हैं।





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