छत्तीसगढ़
ट्रैक्टर संचालकों का अजीब फरमान! कम रेट पर जुताई की तो 21 हजार जुर्माने का दावा, जांजगीर-चांपा में कथित ‘शपथ पत्र’ वायरल


वायरल शपथ पत्र को लेकर किसानों के बीच तीखी बहस देखने को मिल रही है। कुछ किसानों का कहना है कि डीजल, मशीनों के पार्ट्स, मरम्मत और मजदूरी की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में ट्रैक्टर संचालकों द्वारा एक समान दर तय करना उनकी मजबूरी हो सकती है। उनका यह भी कहना है कि कई किसानों से भुगतान तुरंत नहीं मिल पाता और धान बेचने के बाद ही किराया दिया जाता है, जिससे ट्रैक्टर मालिकों को आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ती है।




