छत्तीसगढ़

सितंबर तक नहीं बना पाए मकान तो नहीं मिलेगी केंद्र-राज्य की सहायता


छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत स्वीकृत 14 हजार आवास अब तक अधूरे पड़े हैं। शासन ने निर्देश दिए हैं कि सितंबर माह के बाद केंद्र या रा…और पढ़ें

Publish Date: Tue, 25 Aug 2026 04:18:10 PM (IST)Updated Date: Tue, 25 Aug 2026 04:25:14 PM (IST)

प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़ा अपडेट: सितंबर तक नहीं बना पाए मकान तो नहीं मिलेगी केंद्र-राज्य की सहायता
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 1.0 की प्रतीकात्मक तस्वीर। अर्काइव

HighLights

  1. प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के 14 हजार आवास नहीं हुए पूरे
  2. निर्माण पूरा नहीं होने पर सितंबर के बाद केंद्र राज्य सरकार नहीं देगी राशि
  3. सितंबर तक की डेडलाइन के बाद निकायों को अपने मद से करना होगा काम

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया.रायपुर। प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के तहत स्वीकृत करीब 14 हजार आवास अब भी अधूरे पड़े हैं। सितंबर तक पूर्ण नहीं होने पर नगरीय निकायों को स्वयं के मद से पूरा करना होगा। केंद्र और राज्य सरकार से राशि नहीं मिलेगी।

राज्य शासन की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सितंबर के बाद किसी प्रकार की समयवृद्धि नहीं होगी। कार्य पूर्ण नहीं होने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी तय होगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की ओर से जून में इस संबंध में सभी निकायों को एक पत्र भी जारी किया गया था।

प्रमुख सचिव ने दिए यह निर्देश

प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने निर्माणाधीन आवासों को निर्धारित तिथि तक पूरा करने के लिए साप्ताहिक लक्ष्य तय कर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की शुरुआत 25 जून 2015 से हुई थी।

केंद्र और राज्य की रहती है इतनी हिस्सेदारी

योजना के तहत आवास निर्माण के लिए 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाती है। प्रदेश में स्वीकृत 2,06,118 आवासों में से 1,91,819 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि करीब 14 हजार आवास अब भी लंबित हैं। इसमें 14 नगर निगमों के 2,671, 55 नगर पालिकाओं के 5,607 और 97 नगर पंचायतों के 5,886 आवास शामिल हैं।

1200 की तो केवल नींव ही बनी

धमतरी, रिसाली, राजनांदगांव, बिलासपुर, रायपुर और भिलाई में एएचपी (किफायती आवास में साझेदारी) घटक के तहत स्वीकृत 1,200 से अधिक आवासों की केवल नींव और आधार संरचना ही तैयार हो पाई है।

साझेदारी में बनते हैं मकान

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के एएचपी घटक के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लोगों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के लिए राज्य और केंद्र सरकार निजी और सार्वजनिक एजेंसियों के साथ साझेदारी में घर बनाती हैं।

योजना की लगातार की जा रही समीक्षा

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के कार्यों की प्रगति की लगातार समीक्षा की जा रही है। चार जून को मुख्य सचिव विकासशील ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 और 2.0 के कार्यों की जानकारी नगरीय-प्रशासन विभाग के अधिकारियों से ली थी। पांच जून को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की तत्कालीन सचिव शंगीता आर ने अधिकारियों के साथ योजना की समीक्षा की थी।



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