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सिरपुर स्कूल में वेतन गबन: लिपिक ने बनाई फर्जी पहचान, प्राचार्य और लिपिक निलंबित

महासमुंद जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिरपुर में पदस्थ एक सहायक ग्रेड-02 लिपिक द्वारा खुद को व्याख्याता एलबी बताकर आठ महीने तक अतिरिक्त वेतन लेने का मामला सामने आया है। इस गंभीर गड़बड़ी को कोष एवं महालेखाकार रायपुर के अधिकारियों ने पकड़ा। आरोपी लिपिक नारायण प्रसाद निर्मलकर 27 जनवरी से निलंबित है।

अब जांच के बाद लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक ऋतुराज रघुवंशी ने इस आर्थिक अपराध में शुरुआती रूप से संलिप्तता पाए जाने पर स्कूल के प्राचार्य और जिला शिक्षा कार्यालय के लिपिक को भी 18 सितंबर को निलंबित करने का आदेश जारी किया है।

शुरुआत में इस धोखाधड़ी की भनक न तो स्कूल के प्राचार्य को लगी और न ही बीईओ, डीईओ या जिला कोषालय अधिकारी को। दरअसल, यह मामला जनवरी 2026 में सामने आया। रायपुर स्थित संचालनालय कोष एवं लेखा ने अचानक सिरपुर स्कूल में ज्यादा वेतन निकलता देख जांच की, तब पता चला कि लिपिक नारायण प्रसाद ने खुद को व्याख्याता बना लिया है और व्याख्याता का वेतन ले रहा है। इतना ही नहीं, एक अन्य व्याख्याता को भी उसके वेतन से ज्यादा वेतन दिया जा रहा था। इसके बाद तुरंत लिपिक को निलंबित किया गया।

जानकारी के अनुसार, संबंधित कर्मचारी नारायण प्रसाद निर्मलकर स्कूल में सभी का वेतन तैयार करता था। वह प्राचार्य उमा ठाकुर (अब इस मामले में निलंबित) से डिजिटल सिग्नेचर कराकर कोषालय से वेतन निकलवा लेता था।

डीईओ द्वारा जारी पत्र के अनुसार, निर्मलकर ने मई 2025 से दिसंबर 2025 के बीच अपने मूल पदनाम लेवल-06 को बदलकर व्याख्याता एलबी लेवल-09 कर लिया और वेतन निर्धारण में भी बढ़ोतरी कर ली। इस प्रक्रिया से उसने शासन को लगभग 13 लाख रुपये का नुकसान पहुंचाया।

इस वित्तीय गड़बड़ी ने प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लिपिक द्वारा लगातार आठ महीने तक बढ़ा हुआ वेतन लिया गया, लेकिन प्राचार्य, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के ऑनलाइन रिकॉर्ड मिलान में यह गड़बड़ी पकड़ में नहीं आई। जिला कोषालय अधिकारी के पास हर महीने जाने वाले वेतन पत्रक की जांच में भी यह चूक नहीं पकड़ी गई, जो गंभीर लापरवाही को दिखाता है।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे ने 27 जनवरी को लिपिक को निलंबित कर बीईओ कार्यालय अटैच कर दिया था। हालांकि मामला आर्थिक अपराध से जुड़ा होने के कारण कलेक्टर विनय कुमार ने FIR के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक मामले में FIR दर्ज नहीं की गई है।

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिरपुर में वेतन बिल के जरिए शासकीय राशि के गबन और वित्तीय अनियमितता के मामले में लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रभारी प्राचार्य उमा ठाकुर और सहायक ग्रेड-2 अकील मोहम्मद खान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

18 सितंबर को जारी आदेश के अनुसार मामले में निलंबित सहायक ग्रेड-2 नारायण प्रसाद निर्मलकर की भूमिका के साथ दोनों की संलिप्तता पाई गई है। संचालनालय कोष, लेखा एवं पेंशन के पत्र से इसकी पुष्टि का उल्लेख आदेश में किया गया है। विभाग ने कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत की है। निलंबन अवधि में दोनों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा और मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय महासमुंद निर्धारित किया गया है।

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