सिम्स बालक छात्रावास में बाहरी व्यक्तियों और पूर्व छात्रों के ठहरने पर पूर्ण प्रतिबंध, उल्लंघन पर 1,000 रुपये का अर्थदंड
छत्तीसगढ़ आयुर्वेद संस्थान (सिम्स) के बालक छात्रावास में अनुशासन बनाए रखने और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। हास्टल परिसर में अब किसी भी बाहरी व्यक्ति और पूर्व छात्रों के हास्टल में रुकने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसको लेकर हास्टल में नोटिस भी चस्पा कर दिया गया है।
सिम्स प्रबंधन ने नोटिस में साफ किया है कि यदि कोई छात्र किसी को हास्टल में रुकवाता है तो संबंधित छात्र को एक हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया जाएगा। यह आदेश बालक छात्रावास के वार्डन की ओर से जारी किया गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले कुछ समय से छात्रावास परिसरों में आपसी विवाद और रैगिंग जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं। इन्हें अंदर ही अंदर दबा दिया गया और मामला सार्वजनिक नहीं हो पाया है। इसके अलावा कई बार बिना अनुमति के बाहरी लोग और पूर्व छात्र भी कमरों में रुके रहते थे, जिससे सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे थे और ये गतिविधियां कई बार माहौल बिगाड़ने का भी काम करती थीं।
इन तमाम गतिविधियों पर लगाम लगाने और हास्टल की व्यवस्था को सुधारने के लिए संस्थान प्रबंधन ने यह सख्त कदम उठाया है। मालूम हो कि पिछले साल सिम्स के वार्षिकोत्सव के दौरान छात्रों के दो गुट के बीच जमकर विवाद हुआ था। इसमें सेकेंड व फाइनल ईयर के छात्र कार्यक्रम की प्रस्तुति को लेकर आमने-सामने थे।
साफ है कि समय-समय पर यहां हास्टल में कुछ ऐसी गतिविधि होती है, जिससे प्रबंधन को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ गया है। छात्रावास में अनुशासनहीनता और सुरक्षा संबंधी शिकायतों को देखते हुए यह सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
हास्टल परिसर में केवल वर्तमान में अध्ययनरत छात्रों का ही प्रवेश मान्य होगा। यदि कोई भी छात्र नियमों की अवहेलना करते हुए किसी बाहरी व्यक्ति या पूर्व छात्र को छात्रावास में ठहराता है, तो उस पर बिना किसी छूट के 1,000 रुपये का अर्थदंड वसूला जाएगा।
प्रबंधन के अनुसार भविष्य में भी औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं पर कड़ी नजर रखी जाएगी। इस संबंध में डीन, सिम्स डॉ. रमणेश मूर्ति का बयान सामने आया है।



