सड़क नहीं, तो ग्रामीणों ने गर्भवती महिला को खाट पर उठाकर पहुंचाया स्वास्थ्य केंद्र, नाला पार कराया


रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ ब्लॉक के पेलमा के आश्रित ग्राम दर्रापारा में गर्भवती महिला को ग्रामीणों ने खाट पर लिटाकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। गांव तक सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस या कोई दूसरा वाहन वहां नहीं पहुंच सका। इसके बाद ग्रामीणों ने महिला को खाट पर उठाकर रात के अंधेरे में कुरजा नाला पार कराया और फिर करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। अब इस घटना का वीडियो भी सामने आया है।
दरअसल, शुक्रवार देर रात गर्भवती महिला राईसो राठिया (35) की हालत बिगड़ती देख परिजनों और ग्रामीणों ने खाट की व्यवस्था की। उसे खाट पर सुरक्षित लिटाकर ग्रामीण कंधों पर उठाकर कुरजा नाला तक पहुंचे। नाले में पानी होने के बावजूद ग्रामीणों ने सावधानी से उसे पार कराया। इसके बाद महिला को पेलमा की मुख्य बस्ती स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने के बाद महिला की सुरक्षित डिलीवरी कराई गई। राहत की बात रही कि जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दोनों को निगरानी के लिए स्वास्थ्य केंद्र में रखा गया है। करीब तीन दिन तक निगरानी के बाद स्थिति सामान्य रहने पर उन्हें डिस्चार्ज किया जाएगा।
ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में लंबे समय से सड़क की समस्या बनी हुई है। बारिश के दौरान नाले में पानी बढ़ने से परेशानी और ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसे में बीमार या गर्भवती मरीजों को वाहन के बजाय ग्रामीणों के सहारे खाट पर ले जाना पड़ता है।
खंड चिकित्सा अधिकारी गजानंद राठिया ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र कुरजा नाला से करीब 50 मीटर की दूरी पर है, जबकि दर्रापारा यहां से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर है। बारिश के दिनों में गांव तक पहुंचना काफी मुश्किल हो जाता है। सड़क नहीं होने के कारण फोरव्हीलर भी गांव तक नहीं पहुंच पाती है।
इससे संबंधित एक अन्य घटना में बीजापुर के उसूर ब्लॉक के रायगुड़ा गांव में लगातार बारिश से कच्चे रास्तों का मेन रोड से संपर्क टूट गया था। इस दौरान एक ग्रामीण युवक की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उसे खाट पर लिटाकर करीब 7 किलोमीटर पैदल मुख्य सड़क तक लाना पड़ा था।



