छत्तीसगढ़

रायपुर में सरकारी नौकरी के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा, शिक्षक और क्लर्क ने मिलकर किया 1.5 करोड़ का घोटाला


CG Crime: रायपुर ग्रामीण पुलिस ने फर्जी नियुक्ति आदेश के जरिए 34 युवाओं से करीब 1.5 करोड़ रुपये ठगने वाले गिरोह का खुलासा किया है। …और पढ़ें

Publish Date: Tue, 05 May 2026 01:03:02 PM (IST)Updated Date: Tue, 05 May 2026 01:03:02 PM (IST)

रायपुर में सरकारी नौकरी के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा, शिक्षक और क्लर्क ने मिलकर किया 1.5 करोड़ का घोटाला
मामले में एक शासकीय शिक्षक और एक निजी स्कूल क्लर्क को गिरफ्तार किया।

HighLights

  1. शिक्षक और क्लर्क मिलकर चला रहे थे गिरोह
  2. व्हाट्सएप पर फर्जी आदेश वायरल कर बनाया शिकार
  3. पुलिस ने कंप्यूटर और प्रिंटर सहित सामान जब्त किया

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। रायपुर ग्रामीण पुलिस ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा किया है। इस मामले में एक शासकीय शिक्षक और एक निजी स्कूल के क्लर्क को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों ने फर्जी नियुक्ति आदेश जारी कर 34 बेरोजगार युवाओं से करीब 1.5 करोड़ रुपये वसूले।

व्हाट्सएप पर वायरल हुआ फर्जी आदेश

थाना राखी में दर्ज शिकायत के अनुसार, 5 मार्च 2026 को सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय नवा रायपुर के नाम से एक फर्जी नियुक्ति आदेश व्हाट्सएप पर वायरल किया गया था। इस आदेश में परिवहन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, वन एवं जलवायु परिवर्तन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और स्कूल शिक्षा विभाग में भर्ती का उल्लेख किया गया था। इसमें सचिव और उप सचिव के डिजिटल हस्ताक्षर का भी दुरुपयोग किया गया।

शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

शिकायतकर्ता राजपाल बघेल ने 24 अप्रैल 2026 को थाना राखी में रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई, जिसने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की।

ऐसे पकड़ में आए आरोपी

जांच के दौरान पुलिस ने वायरल दस्तावेज के स्रोत और संदिग्ध मोबाइल नंबरों की पहचान की। डिजिटल उपकरणों के विश्लेषण के बाद मुख्य आरोपी राजेश शर्मा उर्फ राजू का पता चला, जिसकी लोकेशन डोंगरगढ़ में मिली। पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपने साथी मनोज कुमार श्रीवास्तव का नाम बताया, जिसे भी हिरासत में लिया गया।

ऐसे करते थे ठगी

आरोपियों ने कंप्यूटर के माध्यम से फर्जी नियुक्ति आदेश तैयार किया और उसे व्हाट्सएप पर फैलाया। इसके बाद बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे लाखों रुपये वसूले गए। जांच में सामने आया कि भिलाई की एक महिला से 1.90 लाख रुपये लिए गए थे, जिसे बाद में वापस कर दिया गया।

सामान जब्त, कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कंप्यूटर सेट, प्रिंटर और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319(2), 336(3), 3(5) और आईटी एक्ट की धारा 66(डी) के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।



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