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रायपुर में 25 सितंबर से गणेश प्रतिमा विसर्जन शुरू, 10 जोन में तालाब किनारे व्यवस्था, 27 सितंबर को झांकियां

रायपुर में कल यानी 25 सितंबर से गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू होगा। इसके लिए 10 जोन में तालाब किनारे व्यवस्था की गई है। महादेवघाट में बड़ी प्रतिमाएं विसर्जित होंगी, जबकि छोटी प्रतिमाओं के लिए शहर में 43 जगह अस्थायी कुंड बनाए गए हैं। तालाबों में प्रतिमा विसर्जित करने पर चालानी कार्रवाई की जाएगी।

नगर निगम ने महादेव घाट स्थित विसर्जन कुंड की व्यवस्था संभालने के लिए समिति गठित की है। यहां 25 सितंबर सुबह 6 बजे से 1 अक्टूबर सुबह 6 बजे तक अफसरों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। महापौर मीनल चौबे और आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर जोन-8 की टीम विसर्जन कुंड की व्यवस्था और निगरानी संभाल रही है। अब तक महादेव घाट के विसर्जन कुंड में 150 से ज्यादा गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन हो चुका है।

खारून नदी, तेलीबांधा तालाब और बूढ़ातालाब समेत अन्य तालाबों में प्रतिमा विसर्जन प्रतिबंधित रहेगा। महादेव घाट पर गोताखोर, मोटर बोट, एंबुलेंस, मेडिकल टीम और फायर ब्रिगेड की टीम तैनात रहेगी।

गणेश विसर्जन और झांकियों को लेकर पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का प्लान तैयार किया है। बुधवार को C-4 भवन में गणेश उत्सव समितियों के आयोजकों की बैठक हुई, जिसमें पुलिस, जिला प्रशासन, नगर निगम, PWD, स्वास्थ्य विभाग और SDRF के अधिकारियों ने सुरक्षा, यातायात और कानून-व्यवस्था को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए। विसर्जन के दौरान शहर में 1 हजार से ज्यादा पुलिस जवान तैनात रहेंगे। पुलिस ने समितियों से निर्धारित विसर्जन स्थल का ही उपयोग करने की अपील की है।

समितियों ने साउंड सिस्टम तय मानक के अनुसार रखने, बेस और वाइब्रेशन मोड बंद रखने पर सहमति दी है। संवेदनशील जगहों पर स्पेशल टीमों की निगरानी रहेगी। विसर्जन के दौरान भीड़ में महिलाओं और युवतियों से छेड़छाड़ करने वालों पर नजर रखने के लिए महिला पुलिसकर्मियों को सिविल ड्रेस में तैनात किया जाएगा। संवेदनशील जगहों पर पुलिस की स्पेशल टीमें संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगी।

गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के बाद 27 सितंबर को शहर में झांकियां निकाली जाएंगी। इसे लेकर हुई बैठक में आयोजकों को तय मार्ग, समय और झांकियों का क्रम बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। झांकी को अनावश्यक रूप से रोकने पर रोक रहेगी। समितियों को पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित वॉलंटियर्स रखने और उन्हें पहचान पत्र देने के लिए कहा गया है। झांकी में नशे का सेवन करने के साथ हथियार या धारदार वस्तु रखने पर भी रोक रहेगी। डीजे और साउंड सिस्टम का उपयोग तय नियमों के अनुसार ही करना होगा।

DCP अर्चना झा ने बताया कि शहर के प्रमुख मार्गों से निकलने वाली झांकियों को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा प्लान तैयार किया है। प्रमुख चौक-चौराहों और झांकी रूट पर खास निगरानी रखी जाएगी। इस बार भी झांकी शारदा चौक से शुरू होगी, जहां झांकियों को नंबर दिए जाएंगे। इसके बाद जयस्तंभ चौक, कोतवाली, सदर बाजार, सत्ती बाजार, कंकाली तालाब, पुरानी बस्ती थाना चौक, लीली चौक, लाखेनगर चौक और सुंदरनगर होते हुए प्रतिमाएं महादेवघाट विसर्जन कुंड पहुंचेंगी। लाखेनगर चौक से महादेवघाट रिंगरोड तक ट्रैफिक वन-वे रहेगा।

विसर्जन स्थल से प्रतिमाओं के विसर्जन के बाद वाहनों की वापसी महादेव घाट तिराहा से एनीकट मार्ग, भाठागांव चौक और रिंग रोड-1 से होकर होगी। विसर्जन के दौरान शहर में भारी वाहनों की एंट्री पर रोक रहेगी। सभी तरह के मालवाहक वाहनों को रायपुरा चौक पर रोक दिया जाएगा। अम्लेश्वर से रायपुर आने वाले वाहन अम्लेश्वर-कुम्हारी-टाटीबंध या खुड़मुड़ा-भाठागांव मार्ग से रायपुर आ सकेंगे।

सदर बाजार के जर्जर भवनों को लेकर बैठक में सुरक्षा पर चर्चा हुई। पुलिस, नगर निगम और SDRF के अधिकारियों ने झांकी के दौरान इन भवनों से होने वाले खतरे की जानकारी दी और सुरक्षा के लिए झांकी का रूट बदलने का प्रस्ताव रखा। समितियों के आयोजकों ने रूट बदलने पर असहमति जताई। हालांकि, उन्होंने साउंड सिस्टम तय मानक के अनुसार रखने, बेस और वाइब्रेशन मोड बंद रखने पर सहमति दी। आयोजकों ने पुलिस-प्रशासन के सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की बात भी कही।

गणेशोत्सव से जुड़ी एक अन्य खबर के अनुसार, रायपुर के खमतराई स्थित शिवानंद नगर के श्री वरसिद्धि विनायक गणेश मंदिर में 21 दिवसीय गणेशोत्सव मनाया जाता है। यहां पर दक्षिण भारतीय शैली में भगवान गणेश की स्थापना की गई है और पूजा पद्धति उत्तर और दक्षिण भारत दोनों की परंपराओं को मिलाकर की जाती है।

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