छत्तीसगढ़

रामानुजगंज में किसानों का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी:लंबित धान भुगतान और फर्जी KCC ऋण पर प्रदर्शन, 20 जून से भूख हड़ताल की चेतावनी




रामानुजगंज में धान खरीदी वर्ष 2025-26 की लंबित भुगतान राशि और कथित फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण प्रकरणों को लेकर किसानों का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी रहा। किसान नेता नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, रामानुजगंज के सामने अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है। बड़ी संख्या में किसान अपनी मांगों को लेकर धरना स्थल पर डटे हुए हैं। किसानों का आरोप है कि जिले के कई किसानों के नाम पर उनकी जानकारी और सहमति के बिना केसीसी ऋण दर्ज कर दिए गए हैं। इन कथित ऋणों के कारण धान बिक्री की राशि रोक दी गई है, जिससे किसानों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। फर्जी ऋण प्रकरणों की जांच की मांग धरनारत किसानों ने मांग की है कि सभी संदिग्ध और फर्जी केसीसी ऋण प्रकरणों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। किसानों का कहना है कि धान खरीदी की लंबित राशि का तत्काल भुगतान भी सुनिश्चित किया जाए। 20 जून से भूख हड़ताल की चेतावनी किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो 20 जून से जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के सामने सामूहिक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को लिखित सूचना भी सौंप दी गई है। कांग्रेस ने दिया समर्थन आंदोलन को विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है। जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री अरविंद दुबे धरना स्थल पहुंचे और किसानों के आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का लंबे समय तक समाधान नहीं होना चिंताजनक है और प्रशासन को गंभीरता से हस्तक्षेप करना चाहिए। मृतकों और बंदियों के नाम पर ऋण का आरोप अरविंद दुबे ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में मृत व्यक्तियों के नाम पर भी ऋण स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि जेल में बंद किसानों के खातों से भी ऋण आहरित दिखाया गया है। उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। ‘न्याय मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन’ किसान नेता नरेंद्र सिंह ने कहा कि किसानों के साथ हुए कथित अन्याय का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि जिले में करोड़ों रुपये के फर्जी केसीसी ऋण का बड़ा मामला सामने आ सकता है। किसानों का कहना है कि जब तक भुगतान और ऋण संबंधी विसंगतियों का निराकरण नहीं होगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।



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