छत्तीसगढ़
Rabid Dog Attack: तखतपुर में ‘पागल कुत्तों’ का आतंक, 16 लोगों को काटा… अब तक पकड़ से बाहर


सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अनुसार सभी घायलों को एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाया गया है। हालांकि, जिन मरीजों के घाव गंभीर थे, उन्हें रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन (सीरम) की जरूरत थी, लेकिन अस्पताल में इसकी उपलब्धता नहीं होने के कारण केवल इंजेक्शन देकर ही मरीजों को वापस भेजना पड़ा। इससे उपचार की पूर्णता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।




