पेट्रोल पंप सेल्सगर्ल हत्या मामले में आरोपी को सश्रम आजीवन कारावास, कोर्ट ने मृतका के माता-पिता को 5 लाख मुआवजे की अनुशंसा की


अंबिकापुर के चोपड़ापारा में करीब एक साल पहले पेट्रोल पंप की सेल्सगर्ल की चाकू मारकर हत्या करने वाले युवक को कोर्ट ने सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। युवती के बात नहीं करने से आरोपी नाराज था। उसने दिनदहाड़े युवती पर चाकू से कई वार कर दिए। हमले में युवती की मौके पर ही मौत हो गई थी।
चोपड़ापारा के श्री कृपा पेट्रोल पंप में 2 अक्टूबर 2025 को सुबह करीब 11:30 बजे सेल्सगर्ल विद्यावती टोप्पो उर्फ भारती पर युवक जोगेंद्र पैकरा उर्फ लादेन ने हमला कर दिया था। आरोपी बाइक से पेट्रोल पंप पहुंचा था। उसके पास चाकू और एयरगन थी। आरोपी ने सेल्सगर्ल पर चाकू से कई वार किए। विद्यावती टोप्पो जान बचाने के लिए भागी, लेकिन वह ज्यादा दूर नहीं भाग सकी।
बीच-बचाव करने आए पेट्रोल पंप के कर्मी संतोष यादव पर भी युवक ने चाकू से हमला कर उसे घायल कर दिया था। पास ही दुकान चलाने वाले गुरदेव सिंह ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की थी तो आरोपी ने एयर पिस्टल से फायर किया था। आसपास के लोगों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था।
पकड़ा गया आरोपी जोगेंद्र पैकरा उर्फ लादेन मूलतः भुलसीकला कुसमी बलरामपुर का रहने वाला था। मृतका भी कुसमी की थी। घटना से कुछ दिन पहले ही दोषी जोगेंद्र बस स्टैंड के पास श्याम लॉज में आकर रुका हुआ था। अपने परिचित की मोटरसाइकिल से अंबिकापुर आया था। उसने शहर के एक दुकान से नया चाकू खरीदा था।
आरोपी ने पुलिस को दिए बयान में स्वीकार किया था कि विद्यावती टोप्पो से उसका अफेयर था। कुछ दिनों से विद्यावती उससे बात नहीं कर रही थी। घटना के एक दिन पहले भी आरोपी पेट्रोल पंप पहुंचा था और उसके मोबाइल की जांच की थी। उसके मोबाइल को भी आरोपी ने पटक दिया था।
पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद मामले में चालान कोर्ट में पेश किया था। सप्तम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश महेश कुमार राज की अदालत ने गुरुवार को इस मामले में फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी जोगेंद्र पैकरा उर्फ लादेन को हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा धारा 117(2) के तहत 5 साल सश्रम कारावास और आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत 3-3 साल सश्रम कारावास की सजा दी गई है। सभी धाराओं में आरोपी पर अर्थदंड भी लगाया गया है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, जोगेंद्र पैकरा का नाम पहले भी कुसमी थाने में हत्या और सबूत मिटाने के मामले में दर्ज था। इसके अलावा वह चोरी के मामले में भी जेल जा चुका था। अपर लोक अभियोजक विनोद कुमार दुबे ने बताया कि मामले में कुल 22 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। पेट्रोल पंप पर हुई हत्या का CCTV फुटेज भी पुलिस को मिला था, जिसे कोर्ट में सबूत के तौर पर पेश किया गया।
अभियोजन पक्ष ने आरोपी को मृत्युदंड देने की मांग की थी। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि आरोपी के पुराने अपराधों में सजा मिलने से जुड़े कोई दस्तावेज पेश नहीं किए गए हैं। केवल किसी के खिलाफ मामला दर्ज होना यह साबित नहीं करता कि उसमें सुधार की कोई संभावना नहीं है। इसी आधार पर कोर्ट ने मृत्युदंड की मांग स्वीकार नहीं की। अदालत ने मृतका के माता-पिता को क्षतिपूर्ति नियम के तहत 5 लाख रुपए देने की अनुशंसा भी की है।



