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मुनाफे का लालच, फर्जी ट्रेडिंग एप और 94.50 लाख की ठगी; रायपुर में 80 लाख निकालने पहुंचे कारोबारी को लगा बड़ा झटका

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। शंकर नगर के रियल एस्टेट कारोबारी को ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 94.50 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। आरोपितों ने पहले Instagram पर शेयर ट्रेडिंग से जुड़े वीडियो के जरिए कारोबारी से संपर्क बनाया। इसके बाद उन्हें WhatsApp ग्रुप में जोड़कर एक नामी ट्रेडिंग कंपनी के प्लेटफार्म से जुड़ा होने का दावा किया गया।

खम्हारडीह थाने में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक हाईपार्क, शंकर नगर निवासी विशाल बरड़िया रियल एस्टेट कारोबारी हैं। उन्होंने बताया कि सात अगस्त को वह Instagram पर Reel देख रहे थे। इसमें शेयर बाजार में ट्रेडिंग से जुड़ी जानकारी दी जा रही थी। अगले दिन उनके मोबाइल पर मीरा अययर नाम से संपर्क किया गया।

इसके बाद उन्हें ‘जीएल 632-एनएएम एलीट कनेक्ट प्लेटफार्म’ नाम के WhatsApp ग्रुप में जोड़ दिया गया। ग्रुप में इसे नुवामा ट्रेडिंग एंड एसेट मैनेजमेंट कंपनी का प्लेटफार्म बताया गया। ग्रुप एडमिन के रूप में आशीष केहेर नाम के व्यक्ति की जानकारी दी गई, जो खुद को प्रोफेसर बताता था।

ग्रुप में रोजाना दोपहर करीब ढाई बजे किसी कंपनी के शेयर खरीदने की सलाह दी जाती थी। अगले दिन सुबह शेयर का भाव बढ़ने पर उन्हें बेचने के लिए कहा जाता था। इस तरह लगातार मुनाफा होने का भरोसा कारोबारी को दिलाया गया।

12 अगस्त को उनका ट्रेडिंग रजिस्ट्रेशन कराया गया और 13 अगस्त से उन्होंने निवेश शुरू किया। ठगों के बताए बैंक खातों में अलग-अलग किस्तों में करीब 94.50 लाख रुपये जमा कर दिए। फर्जी ट्रेडिंग एप में उनकी रकम बढ़कर करीब 1.90 करोड़ रुपये दिखाई जाने लगी। इसे देखकर कारोबारी को अपना निवेश सुरक्षित और फायदे वाला लगा।

28 अगस्त को कारोबारी ने अपनी जमा रकम में से 80 लाख रुपये निकालने की कोशिश की। इसके बाद ठगों ने नया बहाना शुरू कर दिया। अगले दिन एप के जरिए उनकी जानकारी या सहमति के बिना बड़ी संख्या में IPO शेयर खरीदने का दावा किया गया और एप में करीब 1.89 करोड़ रुपये फ्रीज दिखा दिए गए।

ठगों ने कहा कि IPO की राशि पूरी करने के लिए और रकम जमा करनी होगी। इसके बाद ही पैसा निकालने की अनुमति मिलेगी। उन्हें करीब डेढ़ करोड़ रुपये के लोन का ऑफर भी दिया गया और बाकी रकम जमा करने पर मुनाफा कई करोड़ रुपये तक पहुंचने का लालच दिया गया।

एक ही व्यक्ति के खाते में इतनी बड़ी संख्या में IPO शेयर खरीदे जाने की बात कारोबारी को संदिग्ध लगी। IPO खुलने के बाद पड़ताल करने पर उन्हें पूरी प्रक्रिया पर संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की और संबंधित बैंक को भी सूचना दी।

खम्हारडीह पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मोबाइल नंबर, WhatsApp ग्रुप, फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफार्म और जिन बैंक खातों में रकम भेजी गई, उनकी जानकारी जुटा रही है। बैंक लेन-देन और डिजिटल गतिविधियों की जांच के जरिए आरोपितों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

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