छत्तीसगढ़

‘मिट्टी तेल’ का ड्रामा:मकान हड़पने बहू ने दर्ज कराया था झूठा केस, मां की गवाही से खुला राज


छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर की सीजेएम कोर्ट ने ससुराल की संपत्ति और मकान पर कब्जा करने की नीयत से दर्ज कराए गए एक झूठे दहेज प्रताड़ना के मामले का …और पढ़ें

Publish Date: Wed, 20 May 2026 01:20:44 PM (IST)Updated Date: Wed, 20 May 2026 01:20:44 PM (IST)

'मिट्टी तेल' का ड्रामा:मकान हड़पने बहू ने दर्ज कराया था झूठा केस, मां की गवाही से खुला राज

HighLights

  1. डॉक्टर बोले— ‘शरीर पर तेल छिड़का नहीं, खुद पिया था।
  2. सिरगिट्टी पुलिस की मनगढ़ंत कहानी की कोर्ट में खुली पोल।
  3. अदालत में सगी मां ने ही बेटी के झूठ का किया पर्दाफाश।

नईदुनिया प्रतिनिधि,बिलासपुर। ससुराल की संपत्ति और मकान पर कब्जा करने की नीयत से पति व सास के खिलाफ दर्ज कराया गया दहेज प्रताड़ना का मामला पूरी तरह मनगढ़ंत निकला है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट असलम खान की अदालत ने सिरगिट्टी पुलिस द्वारा दर्ज दहेज प्रताड़ना के मामले में आरोपित पति और सास को बाइज्जत दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट ने अपने फैसले में माना कि अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयानों में भारी विरोधाभास है और वे आरोपियों के खिलाफ संदेह से परे आरोप साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं।

मामला सितंबर 2016 का है, तिफरा निवासी पीड़िता वर्षा चतुर्वेदी ने सिरगिट्टी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि कम दहेज लाने का ताना देकर उसके पति पंकज चतुर्वेदी और सास पद्मा उसे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं। उसने आरोप लगाया था कि विवाद के दौरान उसके पति और सास ने जान से मारने की नीयत से उसके ऊपर मिट्टी का तेल छिड़क दिया था। पुलिस ने इस सनसनीखेज शिकायत पर तत्काल अपराध दर्ज कर मामला कोर्ट में पेश किया था।

अदालत में सगी मां ने ही बेटी के झूठ का किया पर्दाफाश

कोर्ट रूम में सुनवाई के दौरान यह पूरा मामला उस वक्त पलट गया, जब पीड़िता की सगी मां सहोदरा बाई ने कटघरे में खड़े होकर अपनी ही बेटी के खिलाफ सच उगल दिया। मां ने कोर्ट को बताया कि उसकी बेटी (वर्षा) अपने ससुर का मकान हड़पना चाहती थी और ससुराल वालों पर संपत्ति ट्रांसफर करने का दबाव बना रही थी। जब वे नहीं माने, तो उसने यह झूठा केस दर्ज करा दिया। मां ने साफ तौर पर स्वीकार किया कि उसकी बेटी को ससुराल में कभी कोई प्रताड़ित नहीं करता था।

डॉक्टर की गवाही ने पुलिस की कहानी की निकाल दी हवा

मां के चौंकाने वाले बयान के बाद सिम्स अस्पताल के डॉ. रिजवान सिद्दीकी की चिकित्सकीय गवाही ने पुलिस की थ्योरी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। डॉक्टर ने कोर्ट के समक्ष वीएचएस और मेडिकल रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि पीड़िता के शरीर या कपड़ों पर मिट्टी तेल छिड़कने या जलने के कोई बाहरी निशान नहीं मिले थे। हकीकत यह थी कि उसने खुद केरोसिन पी लिया था, जिसे मेडिकल ट्रीटमेंट के जरिए निकाला गया।

अदालत ने इन ठोस साक्ष्यों और शिकायतकर्ता की मां के बयानों को मुख्य आधार मानते हुए आरोपियों को संदेह का लाभ दिया और उन्हें इस झूठे मामले से पूरी तरह बरी करने का आदेश जारी किया।



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