छत्तीसगढ़

मार्च से मई तक दर्जनों ट्रेनें प्रभावित, शादी और छुट्टियों के सीजन में यात्रियों की बढ़ेंगी मुश्किलें


पुरी स्टेशन पर प्लेटफार्म उन्नयन

पुरी स्टेशन के आधुनिकीकरण और प्लेटफार्म उन्नयन कार्य के चलते मार्च से मई तक कई लंबी दूरी की ट्रेनें पुरी तक नहीं जाएंगी। इन ट्रेनों को पहले के स्टेशनों से संचालित किया जाएगा।

लोकमान्य तिलक टर्मिनस, गांधीधाम और वलसाड से आने-जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेनें अब पुरी के बजाय साक्षी गोपाल स्टेशन से संचालित होंगी। वहीं इंदौर-पुरी और पुरी-श्री गंगानगर एक्सप्रेस ट्रेनें बीरपुरुषोतमपुर स्टेशन से ही प्रारंभ और समाप्त होंगी।

गोंदिया स्टेशन पर वाशेबल एप्रन निर्माण

नागपुर रेल मंडल के अंतर्गत गोंदिया स्टेशन की लाइन संख्या-6 (प्लेटफार्म नंबर-4) पर वाशेबल एप्रन निर्माण का कार्य किया जाएगा। यह कार्य तीन मई से 24 मई तक चलेगा, जिसके कारण इस अवधि में कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा।

टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस 24 मई तक रद रहेगी, जबकि रायपुर-इतवारी पैसेंजर 23 मई तक रद रहेगी। इसके अलावा गोंदिया-डोंगरगढ़, गोंदिया-इतवारी और इतवारी-बालाघाट ट्रेनों का संचालन भी पूरी तरह बंद रहेगा।

कुछ ट्रेनों के मार्ग में बदलाव

गोंदिया में चल रहे कार्य के कारण कुछ ट्रेनों के मार्ग में भी परिवर्तन किया गया है। रीवा-इतवारी-रीवा एक्सप्रेस मई में निर्धारित तिथियों पर गोंदिया के बजाय जबलपुर-नैनपुर-बालाघाट मार्ग से संचालित होगी।

इसके अलावा बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस दो मई से 23 मई तक दुर्ग और गोंदिया के बीच रद रहेगी। वहीं मुंबई-गोंदिया एक्सप्रेस अंजनी और गोंदिया के बीच रद रहेगी।

जबलपुर-गोंदिया पैसेंजर तथा तिरोड़ी और कटंगी की मेमू व डेमू सेवाएं गोंदिया और बिरसोला के बीच रद रहेंगी और इन ट्रेनों का संचालन बिरसोला तक ही सीमित रहेगा।

अकलतरा स्टेशन पर चौथी लाइन कनेक्टिविटी कार्य

बिलासपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन के अकलतरा स्टेशन पर यार्ड रिमाडलिंग और चौथी लाइन कनेक्टिविटी का कार्य किया जाएगा। यह कार्य 30 मार्च से 11 अप्रैल तक चलेगा।

इस दौरान बिलासपुर-रायगढ़ मेमू, रायपुर-गेवरा रोड मेमू और रायपुर-कोरबा पैसेंजर ट्रेनों को रद कर दिया गया है। वहीं गोंदिया-झारसुगुड़ा पैसेंजर ट्रेन बिलासपुर तक ही संचालित होगी।

यात्रियों के लिए राहत व्यवस्था

रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कोरबा-बिलासपुर के बीच हसदेव एक्सप्रेस को पैसेंजर ट्रेन के रूप में चलाने का निर्णय लिया है, जिससे स्थानीय यात्रियों को कुछ राहत मिल सके।

हालांकि पीक सीजन के दौरान ट्रेनों की संख्या कम होने से यात्रियों को यात्रा योजना बनाने में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।



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