छत्तीसगढ़

कथावाचक के आरोपों पर मंत्री राजेश अग्रवाल का पलटवार, बोले- बेबुनियाद हैं आरोप, दबाव बनाने के लिए वायरल किया वीडियो


कथावाचक का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने बयान जारी किया है। मंत्री ने कहा कि इस मामले में उन …और पढ़ें

Publish Date: Mon, 16 Mar 2026 12:01:42 AM (IST)Updated Date: Mon, 16 Mar 2026 12:01:42 AM (IST)

कथावाचक के आरोपों पर मंत्री राजेश अग्रवाल का पलटवार, बोले- बेबुनियाद हैं आरोप, दबाव बनाने के लिए वायरल किया वीडियो
कथावाचक के आरोपों पर मंत्री राजेश अग्रवाल का पलटवार

HighLights

  1. कथावाचक के आरोपों पर मंत्री राजेश अग्रवाल का पलटवार
  2. मंत्री राजेश अग्रवाल ने वायरल दावों को किया खारिज
  3. प्रसारित वीडियो पर मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा -आरोप बेबुनियाद

नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर। कथावाचक का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने बयान जारी किया है। मंत्री ने कहा कि इस मामले में उन पर लगाए गए आरोप गलत और बेबुनियाद हैं और उनका कथावाचन से कोई संपर्क नहीं रहा। उन्होंने कहा कि आस्था से जुड़ा विषय होने के कारण वे कथित कथावाचक के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं चाह रहे हैं।

मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि भारतीय नमो सेवा दल नामक संस्था ने लखनपुर में भागवत कथा के आयोजन के लिए संस्कृति मंत्रालय से सहायता राशि स्वीकृत कराने का आवेदन दिया था। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि ऐसे किसी धार्मिक आयोजन के लिए सरकार की ओर से कोई मदद संभव नहीं है।

मंत्री ने कहा, हालांकि कथित संस्था के लोगों ने आग्रह किया, इसलिए मैंने विभागीय अधिकारियों को आवेदन प्रेषित कर दिया। आवेदन अस्वीकृत हो गया और इसके बावजूद कथावाचक का वीडियो प्रसारित हो रहा है। आयोजन से मेरा और मेरे परिवार का कोई संबंध नहीं है। मेरी उस कथावाचक से कभी मुलाकात नहीं हुई। अगर आयोजकों ने राशि नहीं दी होगी तो दबाव बनाने के लिए बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं।

राजेश अग्रवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि कथित कथावाचक ने रुपये की मांग की थी। मंत्री ने कहा कि धार्मिक आयोजनों के लिए सरकारी धनराशि देना संभव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पैसा न मिलने पर कथावाचक वीडियो बनाकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

मंत्री ने कहा, मामला आस्था से जुड़ा है, इसलिए मैं कथावाचक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करना चाहता। आरोप पूरी तरह से गलत हैं। मालूम हो कि प्रसारित वीडियो में कथावाचक खुद को डा. रामानुरागी कथा व्यास बताकर दावा कर रहे थे कि कथा कराने के बाद उन्हें भुगतान नहीं किया गया।



Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!