नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुरः सर्पदंश मुआवजा घोटाला मामले में गिरफ्तार तीन कर्मचारियों की कमी और जो शिक्षक संलग्न थे, उनका मूल विभाग में जाने की वजह से तहसील में कार्य की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। कर्मचारियों की कमी के चलते स्थिति यह है कि तहसील कार्यालय में पांच दिनों से रिकार्ड रूम में लगा ताला तक नहीं खुल पाया है, जिससे लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। तहसील कार्यालय बिलासपुर में प्रशासनिक अव्यवस्था और कर्मचारियों के टोटे के कारण आम जनता का काम-काज पूरी तरह ठप हो गया है।
हाल ही में बहुचर्चित सर्पदंश सहायता राशि घोटाले में तहसील के तीन प्रमुख कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद कार्यालय का ढांचा चरमरा गया। वहीं, अब तक व्यवस्था संभालने के लिए संलग्न किए गए शिक्षक शासन के आदेश पर युक्तीयुक्तकरण के तहत शासन के निर्देश पर वापस उनके मूल विभाग में भेज दिया गया है। इस दोहरे संकट का सीधा असर सबसे महत्वपूर्ण रिकार्ड रूम पर पड़ा है। पिछले पांच दिनों से रिकार्ड रूम की चाबी संभालने वाला कोई जिम्मेदार कर्मचारी ही मौजूद नहीं है, जिसके चलते कमरे का ताला तक नहीं खुल पाया है ।
जमीन-जायदाद के नामांतरण, बटांकन, नक्शा-खसरा, बी-1 की प्रमाणित प्रतियों और चल रहे राजस्व मामलों के दस्तावेजों की नकल पाने के लिए दूर-दराज के गांवों से आ रहे ग्रामीण रोज भटकने को मजबूर हैं। तहसील परिसर में रोजाना वकीलों और पक्षकारों की भीड़ जुट रही है, लेकिन रिकार्ड रूम बंद होने से फाइलों की मूवमेंट रुक गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने कलेक्टर को पत्र लिखकर तत्काल नए कर्मचारियों की पदस्थापना की मांग की है, ताकि ठप पड़े राजस्व कामकाज को दोबारा पटरी पर लाया जा सके।
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सर्पदंश घोटाले के बाद चरमराई तहसील की व्यवस्था
सर्पदंश मुआवजा राशि में हुए फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद पुलिस ने तहसील कार्यालय के तीन लिपिक कर्मचारियों को गिरफ्तार किया था। अचानक इन महत्वपूर्ण पदों के खाली होने से कार्यालय की दैनिक कार्यप्रणाली लड़खड़ा गई। रिमांड और जेल में होने के कारण उनके प्रभार किसी अन्य को तुरंत न सौंपे जाने से अव्यवस्था और ज्यादा बढ़ गई है।
मूल विभाग लौटे शिक्षक, तहसील में पड़ा कर्मचारियों का अकाल
राजस्व विभाग में संतुलन बैठाने के लिए पूर्व में कार्यालयीन कामकाज संभालने के लिए शिक्षा विभाग से तहसील में कई शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। शासन के अटैचमेंट खत्म करने के आदेश और कडाई से पालन करने के बाद सभी संलग्न शिक्षकों को उनके मूल स्कूलों में वापस भेज दिया गया। कार्यमुक्ति के बाद तहसील कार्यालय में लिपिकीय और मैदानी स्तर के कर्मचारियों का भारी अकाल पड़ गया है।
नकल और दस्तावेज के लिए रोज भटक रहे सैकड़ों ग्रामीण
रिकार्ड रूम में ताला जड़े होने के कारण सबसे ज्यादा फजीहत दूर-दराज से आने वाले आम लोगों की हो रही है। न्यायालयीन प्रकरणों के लिए नकल, बी-1, खसरा और ऋण पुस्तिका की सत्यापित प्रतियां न मिलने से लोगों के जरूरी काम रुक गए हैं। कई ग्रामीण लगातार पांच दिनों से तहसील के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
वर्जन
कर्मचारियों की कमी के कारण कार्य प्रभावित हुआ है। रिकार्ड रूम सहित अन्य शाखाओं की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कलेक्टर कार्यालय को पत्र लिखकर नए कर्मचारियों की मांग की गई है। जल्द ही कर्मचारियों की तैनाती कर रुकी हुई सेवाओं को शुरू कराया जाएगा।
मनीष साहू, एसडीएम बिलासपुर