छत्तीसगढ़

कमीशन का लालच देकर आठ बैंकों में खुलवाया म्यूल अकाउंट, एसबीआई पहुंचते ही पकड़ा गया


नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। व्यापार विहार स्थित स्टेट बैंक के पास ठगी की नीयत से घूम रहे एक युवक को तारबाहर पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपित युवक लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते मांग रहा था, ताकि उनका उपयोग अवैध वित्तीय लेनदेन म्यूल अकाउंट के लिए किया जा सके। उसके वाट्सएप पर आधा दर्जन लोगों के आठ बैंकों में म्यूल एकाउंट खोलने और चैट का पर्दाफाश हुआ।

तारबाहर पुलिस को बुधवार को सूचना मिली कि व्यापार विहार स्थित एसबीआई के पास एक युवक काली टी-शर्ट पहने संदिग्ध अवस्था में खड़ा है। वह बैंक आने-जाने वाले ग्राहकों को रोककर उनका खाता नंबर मांग रहा है और बदले में मोटा कमीशन देने का प्रलोभन दे रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने गवाह फ्रांसिस और राजा यादव के साथ मौके पर दबिश दी। पुलिस को देखकर आरोपित ने भागने की कोशिश की, जिसे दौड़ाकर पकड़ा गया।

सूरजपुर का रहने वाला है आरोपित

पकड़े गए युवक ने अपना नाम दीपेश कुमार गुप्ता (21 वर्ष), निवासी ग्राम सिरसी, थाना बसदई, जिला सूरजपुर बताया। कड़ाई से पूछताछ करने पर वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका, जिसके बाद उसे थाने लाकर तलाशी ली गई।

व्हाट्सएप चैट में मिला ‘ठगी’ का नेटवर्क

आरोपित के मोबाइल की जांच करने पर पुलिस के होश उड़ गए। वाट्सएप पर विक्की पंडित, शुभम पटेल, आयुष, आमिर और अल्मास जैसे नामों से संदिग्ध बातचीत मिली है। इन नंबरों पर आरोपित ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक, एचडीएफसी, सेंट्रल बैंक, यूको बैंक, केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, कोटक महिंद्रा और एक्सिस बैंक सहित कई बैंकों के खाता नंबर साझा किए थे। पुलिस को अंदेशा है कि यह एक संगठित गिरोह है जो भोले-भाले लोगों के खातों का इस्तेमाल साइबर फ्राड के पैसे खपाने के लिए करता है।

संगठित अपराध का मामला दर्ज

पुलिस ने जांच में पाया कि आरोपित दीपेश अन्य साथियों के साथ मिलकर संगठित रूप से म्यूल अकाउंट के माध्यम से वित्तीय धोखाधड़ी कर रहा था। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ धारा 318(4), 112, 3, 5 के तहत अपराध दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है।

अनजान लोगों के झांसे में न आने की अपील

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता, ओटीपी या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। आपका खाता किसी बड़े अपराध का जरिया बन सकता है।



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