छत्तीसगढ़

जशपुर पुलिस ने 15 गौवंश छुड़ाए:नाबालिग समेत 5 तस्कर गिरफ्तार, 'ऑपरेशन शंखनाद' के तहत की गई कार्रवाई




जशपुर पुलिस ने ‘ऑपरेशन शंखनाद’ के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 15 गौवंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया और एक नाबालिग सहित 5 तस्करों को गिरफ्तार किया है। मामला सिटी कोतवाली थाना और आरा पुलिस चौकी क्षेत्र का है। दरअसल, ग्राम हाथीसार के लोगों ने 15 मार्च को कोतवाली पुलिस को सूचना दी कि कुछ तस्कर जंगल के रास्ते गौवंशों को पैदल झारखंड की ओर ले जा रहे हैं। चना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी कर 12 गौवंशों को सकुशल बरामद किया। नहीं दिखा पाए वैध दस्तावेज इस दौरान असरफुल कादरी (23, झारखंड), शरीफ अंसारी (23, जशपुर) और 17 वर्षीय नाबालिग को मौके से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उन्होंने वैध दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। ऐसे में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 और 10 के तहत मामला दर्ज किया। गिरफ्तारी के बाद असरफुल कादरी और शरीफ अंसारी को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। जबकि नाबालिग को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। गोढ़ीटोली के पास दो तस्कर गिरफ्तार, तीन गौवंश मुक्त
16 मार्च की सुबह चौकी आरा क्षेत्र के ग्राम गोढ़ीटोली के पास ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई की। टीम ने दो तस्करों को पकड़कर उनके कब्जे से तीन गौवंश मुक्त कराए। तस्कर इन पशुओं को झारखंड ले जा रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों में याकूब खान (45 वर्ष) और सरवर आलम (38 वर्ष) शामिल हैं। दोनों के खिलाफ पशु परिरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। एक सप्ताह में 70 गौवंश मुक्त, कई तस्कर जेल भेजे
पुलिस के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए कुल 70 गौवंश तस्करों से मुक्त कराए गए। इस दौरान तीन से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी हुई, जिन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया। अलग-अलग तारीखों पर हुई बड़ी कार्रवाई 07 मार्च को नारायणपुर क्षेत्र से 12 गौवंश बरामद हुए। 10 मार्च को मनोरा क्षेत्र से 12 गौवंश मुक्त कराए गए। 11 मार्च को केसरा जंगल में कार्रवाई के दौरान 20 पशु (भैंस शामिल) बरामद किए गए।
14 मार्च को एक पिकअप वाहन से 11 गौवंश जब्त किए गए। “जीरो टॉलरेंस” नीति पर सख्ती, ऑपरेशन शंखनाद जारी डीआईजी और एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह नेतृत्व में गौ तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति लागू है। संभावित तस्करी मार्गों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। ग्रामीणों के सहयोग से तस्करी नेटवर्क को तोड़ने की रणनीति पर काम चल रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को राहत नहीं मिलेगी। “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



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