जशपुर में आकार लेने लगी 3147 करोड़ की भारतमाला परियोजना — मुख्य खबर

जशपुर में आकार लेने लगी 3147 करोड़ की भारतमाला परियोजना

फोरलेन बनने से जशपुर से रायपुर का सफर होगा आसान, व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
जशपुरनगर, 22 अक्टूबर 2026। जिले में 3147 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना अब आकार लेने लगी है। रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर के निर्माण से जशपुर जिले का सड़क संपर्क न केवल राजधानी रायपुर, बल्कि बिलासपुर, कोरबा और पड़ोसी राज्य झारखंड से भी बेहतर होने की उम्मीद है। परियोजना पूरी होने के बाद जशपुर से रायपुर की यात्रा का समय काफी कम होने की संभावना है और लोगों को तेज, सुगम एवं बेहतर सड़क सुविधा मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विशेष प्रयासों से केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को गति मिली है। निर्माणाधीन कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 707 किलोमीटर बताई गई है, जिसमें करीब 104 किलोमीटर हिस्सा जशपुर जिले से होकर गुजरेगा। यह कॉरिडोर रायपुर से धनबाद के बीच सड़क संपर्क को मजबूत करेगा और इसके माध्यम से पत्थलगांव, जशपुर सहित आसपास के क्षेत्रों को बड़े बाजारों से बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
राजधानी रायपुर पहुंचना होगा आसान
वर्तमान में जशपुर से रायपुर पहुंचने में यात्रियों को काफी समय लगता है। भारतमाला परियोजना के तहत बेहतर सड़क संपर्क और फोरलेन मार्ग तैयार होने से यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। परियोजना से जुड़े उपलब्ध विवरणों के अनुसार, लंबी दूरी की यात्रा अवधि को लगभग 14 घंटे से घटाकर 8 से 9 घंटे तक लाने का लक्ष्य है। वहीं, जशपुर से रायपुर की यात्रा करीब 5 से 6 घंटे में पूरी होने की संभावना जताई जा रही है।
बेहतर सड़क मार्ग बनने से जिले के लोगों को राजधानी रायपुर के अलावा बिलासपुर और कोरबा जैसे प्रमुख शहरों तक पहुंचने में भी सुविधा मिलेगी। इससे स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से जुड़े अवसरों तक लोगों की पहुंच आसान हो सकती है।
व्यापार और कृषि को मिलेगा नया बाजार
भारतामाला परियोजना का असर केवल आवागमन तक सीमित नहीं रहेगा। बेहतर सड़क नेटवर्क से किसानों को अपनी उपज बड़े बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी। व्यापारियों के लिए माल परिवहन का समय और लागत कम होने की संभावना है। इससे स्थानीय कारोबार, कृषि आधारित गतिविधियों और अन्य आर्थिक क्षेत्रों को गति मिल सकती है।
जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए बेहतर सड़क संपर्क पर्यटकों के लिए भी बड़ी सुविधा साबित हो सकता है। जिले के पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटन गतिविधियों और इससे जुड़े स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
आधुनिक सुविधाओं से मजबूत होगा सड़क नेटवर्क
परियोजना के तहत यातायात को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए विभिन्न स्थानों पर अंडरपास, वाहन अंडरपास सहित आवश्यक संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। वन्य क्षेत्रों से गुजरने वाले हिस्सों में वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही को ध्यान में रखते हुए भी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इससे सड़क परिवहन को सुगम बनाने के साथ स्थानीय आवागमन और पर्यावरणीय आवश्यकताओं के बीच संतुलन बनाने में मदद मिलेगी।
जशपुर के विकास को मिलेगी नई गति
किसी भी क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में मजबूत सड़क नेटवर्क की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर जशपुर को देश के बड़े सड़क नेटवर्क से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है। परियोजना के निर्माण और संचालन के बाद जिले में व्यापार, परिवहन, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है।
तीन वर्षों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को मिली गति
बीते करीब तीन वर्षों में जशपुर जिले में बुनियादी सुविधाओं के विकास को नई गति मिली है। भारतमाला परियोजना के साथ ही कटनी-गुमला राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य ने भी तेजी पकड़ी है। वहीं, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विशेष प्रयासों से लोहरदगा से धरमजयगढ़ तक रेल लाइन निर्माण को केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के साथ इसे केंद्रीय गजट में प्रकाशित किया जा चुका है। जिलेवासी इस रेल परियोजना की मांग लंबे समय से करते आ रहे थे।
इसके अलावा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और स्टेट हाईवे के तहत भी जिले में सड़क निर्माण के विभिन्न कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। सड़क और रेल जैसी बुनियादी परियोजनाओं के विस्तार से आने वाले वर्षों में जशपुर के आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।



