ग्रामीणों ने धर्मांतरित महिला का अंतिम संस्कार रोका:हंगामे के बाद परिवार को पिलाया गंगाजल, दोबारा समाज में शामिल कराने के बाद हुई अंत्येष्टि

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में धर्मांतरित महिला के अंतिम संस्कार में शामिल होने से ग्रामीणों ने मना कर दिया। हंगामे के बाद ईसाई धर्म अपनाने वाले परिवार ने मूल धर्म अपनाने का फैसला लिया। तब ग्रामीणों ने तिलक लगाकर, गंगाजल से नहलाकर और गंगाजल पिलाकर परिवार को दोबारा समाज में शामिल किया। इसके बाद मृत महिला का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज से कराया गया। मामला रूद्री थाना क्षेत्र के भटगांव का है। पहले देखिए तस्वीरें… अब जानिए पूरा मामला भटगांव के सुरेश ध्रुव (35) ने ईसाई धर्म अपना लिया था। 4 अक्टूबर को उनकी पत्नी सरस्वती ध्रुव (28) की मौत हो गई, जिसके बाद अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान समाज के कुछ लोगों ने विरोध करते हुए हंगामा कर दिया। इसे लेकर गांव में विवाद की स्थिति बन गई और समाज के लोगों के बीच बैठक शुरू हो गई। स्थिति को देखते हुए विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पूर्व जिला अध्यक्ष संदीप अग्रवाल को भी मौके पर बुलाया गया। बैठक में परिवार से समाज के रीति-रिवाज मानने को लेकर बातचीत हुई। संदीप अग्रवाल ने परिवार को समझाइश दी। इसके बाद सुरेश ध्रुव ने अपनी इच्छा से हिंदू धर्म और समाज के रीति-रिवाजों को मानने की बात कही। तिलक लगाकर, गंगाजल पिलाकर समाज में किया शामिल संदीप अग्रवाल ने बताया कि सुरेश ध्रुव ने लिखित रूप से भी अपनी सहमति दी है कि वह बिना किसी दबाव के हिंदू धर्म में वापस आ रहे हैं और आगे अपने पुराने धर्म और समाज के रीति-रिवाजों का पालन करेंगे। बोले- अपनी मर्जी से ईसाई धर्म अपनाया था सुरेश ध्रुव ने कहा कि उन्होंने करीब चार साल पहले अपनी इच्छा से ईसाई धर्म अपनाया था। अब उन्होंने दोबारा ईसाई धर्म में नहीं जाने और हिंदू धर्म में रहने की बात कही है। उन्होंने कहा कि वह अपनी मर्जी से वापस हिंदू धर्म में लौटे हैं। मामले को लेकर करीब एक घंटे तक समाज के लोगों के बीच बातचीत चली। सहमति बनने के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। ………………………. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… छत्तीसगढ़ में गंगाजल पिलाकर धर्मांतरित परिवार की घर वापसी: तिलक-तुलसी से शुद्धिकरण; महिला की मौत के बाद हिंदू रीति से हुआ अंतिम संस्कार छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नवागांव में धर्मांतरित महिला की मौत के बाद अंतिम संस्कार को लेकर विवाद हो गया। ग्रामीणों और समाज के लोगों ने परिवार पर धर्म परिवर्तन कर गांव की परंपराओं से अलग रहने का आरोप लगाया। कई घंटे चली बैठक के बाद परिवार ने समाज के साथ रहने और महिला का हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार करने पर सहमति जताई। पढ़ें पूरी खबर…




