छत्तीसगढ़
Bilaspur High Court: 20 साल पुराने रिश्वत केस में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सबूतों के अभाव में आरोपी बरी, जानें मामला


हाईकोर्ट ने विस्तृत सुनवाई के बाद कई गंभीर खामियां पाई। कोर्ट ने कहा कि, रिश्वत मांगना भ्रष्टाचार के मामलों में सबसे जरूरी तत्व है, इस मामले में इसकी पुष्टि सिर्फ शिकायतकर्ता के बयान पर आधारित थी । स्वतंत्र और विश्वसनीय साक्ष्य से इसकी पुष्टि नहीं हुई। सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए कोर्ट ने दोहराया कि सिर्फ पैसे की बरामदगी से दोष सिद्ध नहीं होता। इसके अलावा जिस सीपीएफ आवेदन के आधार पर रिश्वत मांगी गई, उसका मूल दस्तावेज पेश नहीं किया गया, केवल फोटो कॉपी रिकॉर्ड में लाई गई। गवाहों ने भी यह पुष्टि नहीं की कि आवेदन कभी आरोपी के पास पहुंचा था, कोर्ट ने इसे अभियोजन की कहानी पर गंभीर संदेह पैदा करने वाला माना।




