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बिलासपुर में नकली ब्रुक बांड चायपत्ती की छापामारी, 23 पैकेट जब्त

बिलासपुर जिले में आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खुलेआम खिलवाड़ का एक ताजा और गंभीर मामला सामने आया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चाटीडीह स्थित माधव ट्रेडर्स में छापा मारा। इस दौरान विभाग ने ब्रुक बांड चाय बनाने वाली कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर छापामारी की। यह छापामारी कंपनी द्वारा की गई शिकायत के आधार पर की गई।

जांच के दौरान ब्रुक बांड लेबल की एक-एक पाव की 23 पैकेट चायपत्ती जब्त किया गया है। इसका सैंपल लेकर इसे जांच के लिए रायपुर स्थित लैब भेजा गया है, जहां से जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम को चायपत्ती कंपनी के अधिकारियों से शिकायत मिली थी कि ब्रुक बांड टी के नाम से नकली चायपत्ती बेचा जा रहा है। इस शिकायत के आधार पर ही शुक्रवार की दोपहर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अभिहित अधिकारी आरआर देवांगन और उनकी टीम ब्रुक बांड टी बनाने वाली कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर के अधिकारियों के साथ चांटीडीह स्थित माध्यम ट्रेडर्स पहुंची और जांच में जुट गई।

इस दौरान ब्रुक बांड टी के पैकेट को कंपनी अधिकारियों को दिखाया गया तो उन्होंने साफ किया कि यह कंपनी द्वारा नहीं बनाया गया है, ये नकली है। इसके बाद स्टॉक में रखे 23 टी पैकेट जब्त कर लिया गया। इस कार्रवाई के दौरान अभिहित अधिकारी आरआर देवांगन के साथ खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रतीक तिवारी व अन्य अधिकारी शामिल रहे।

खाद्य विभाग को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि शहर के कुछ व्यापारियों द्वारा प्रतिष्ठित ब्रांडों के नाम पर आम उपभोक्ताओं को नकली और मिलावटी सामान बेचा जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने चाटीडीह स्थित माधव ट्रेडर्स पर दबिश दी। जांच के दौरान मौके पर हिंदुस्तान यूनिलीवर कंपनी के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिन्होंने बारीकी से उत्पादों की जांच की और बताया कि ये लोग नकली चायपत्ती बेच रहे हैं।

कार्रवाई के दौरान सबसे बड़ा संदेह तब गहराया जब फर्म संचालक से इन चाय पैकेटों की खरीद से संबंधित वैध बिल (पर्चे) मांगे गए। फर्म के संचालक मौके पर किसी भी प्रकार का खरीदी बिल प्रस्तुत करने में पूरी तरह असमर्थ रहे। बिल न दिखा पाना इस बात की ओर इशारा करता है कि यह सामान अवैध या गैर-नंबर के चैनलों के जरिए बाजार में खपाने के लिए लाया गया था।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारी आरआर देवांगन ने स्पष्ट किया है कि फर्म द्वारा भविष्य में वैध खरीदी बिल प्रस्तुत करने के दावों की भी गहनता से जांच की जाएगी। बिलों और लैब रिपोर्ट के सत्यापन के आधार पर आगे की कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि शहर के नागरिकों को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य एवं पेय पदार्थ मिल सकें। विभाग की इस सख्त कार्रवाई से शहर के अन्य मिलावटखोरों और अनाधिकृत कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

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