छत्तीसगढ़

आंधी से उड़ी कुर्सी रेल की पटरी पर गिरी, पैसेंजर ट्रेन के इंजन में फंसी, भिलाई रेलवे स्टेशन पर टली दुर्घटना


बताया गया कि यह चेयर प्लेटफार्म पर स्थायी रूप से कांक्रीट में फिक्स नहीं थी। इसी दौरान झारसुगुड़ा-गोंदिया पैसेंजर ट्रेन स्टेशन पर पहुंच रही थी। भिलाई- …और पढ़ें

Publish Date: Thu, 18 Jun 2026 06:51:22 PM (IST)Updated Date: Thu, 18 Jun 2026 07:53:48 PM (IST)

आंधी से उड़ी कुर्सी रेल की पटरी पर गिरी, पैसेंजर ट्रेन के इंजन में फंसी, भिलाई रेलवे स्टेशन पर टली दुर्घटना
यात्री ट्रेन के इंजन की जाली में फंसी कुर्सी। घटना के बाद प्लेटफार्म शेड के पोल में तार से बांधी गई कुर्सी।

HighLights

  1. स्टेशन मास्टर और अन्य स्टाफ ने मिलकर कुर्सी को बाहर निकाला।
  2. इस दौरान ट्रेन करीब 10 से 15 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही।
  3. सुरक्षा जांच, ट्रैक निरीक्षण के बाद ट्रेन को आगे रवाना किया गया।

नईदुनिया प्रतिनिधि, भिलाई। भिलाई-3 (पुरानी भिलाई) रेलवे स्टेशन पर बुधवार शाम तेज आंधी के दौरान एक बड़ी दुर्घटना टल गई। प्लेटफार्म पर यात्रियों के बैठने के लिए रखी स्टील की एक कुर्सी तेज आंधी की वजह से रेलवे ट्रैक पर जा गिरी और सामने आ रही झारसुगुड़ा-गोंदिया पैसेंजर ट्रेन के इंजन में फंस गई। स्टेशन में उक्त ट्रेन का स्टापेज होने की वजह से रफ्तार कम थी इससे बड़ा हादसा टल गया।

जानकारी के अनुसार, घटना बुधवार की शाम करीब 7:30 बजे के करीब हुई। खराब मौसम और तेज आंधी के बीच स्टेशन के फुटओवर ब्रिज के पास प्लेटफार्म क्रमांक-2 पर पोल क्रमांक 3-4 के बीच यात्रियों के बैठने के लिए रखे गए स्टील चेयर सेट में से एक कुर्सी उड़कर अप लाइन पर जा गिरी।

बताया गया कि यह चेयर प्लेटफार्म पर स्थायी रूप से कांक्रीट में फिक्स नहीं थी। इसी दौरान झारसुगुड़ा-गोंदिया पैसेंजर ट्रेन स्टेशन पर पहुंच रही थी। भिलाई-3 में निर्धारित स्टापेज होने के कारण ट्रेन की गति धीमी हो गई थी। घटना के समय मौजूद स्टाफ ने ट्रेन चालक को सतर्क किया।

वहीं चालक ने भी सतर्कता बरतते हुए ट्रेन को और नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन कुर्सी इंजन के अगले हिस्से की जाली में बुरी तरह फंस गई। ट्रेन को प्लेटफार्म पर लगभग 100 मीटर पहले ही रूक गई।

घटना के बाद रेलवे कर्मचारियों, स्टेशन मास्टर और अन्य स्टाफ ने मिलकर इंजन में फंसी कुर्सी को बाहर निकाला। इस दौरान ट्रेन करीब 10 से 15 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। सुरक्षा जांच और ट्रैक निरीक्षण के बाद ट्रेन को आगे रवाना किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि ट्रेन की गति अधिक होती तो गंभीर हादसा हो सकता था। कुर्सी के ट्रेन की टक्कर से प्लेटफार्म की ओर उछलने की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती थी।

हादसे के बाद भी अधूरी व्यवस्था

घटना के बाद रेलवे ने प्लेटफार्म क्रमांक-2 पर रखी अन्य दो कुर्सियों को शेड के पोल से तार के सहारे बांध दिया है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थायी समाधान नहीं है। यदि किसी शरारती तत्व द्वारा तार खोल दिया जाए, तो भविष्य में फिर ऐसी घटना की आशंका बनी रहेगी। उल्लेखनीय है कि बुधवार की देर शाम अधड़ काफी तेज थी।

यात्री सुरक्षा को लेकर गंभीर

रायपुर मंडल के डीआरएम दयानंद ने कहा कि भिलाई-3 स्टेशन की घटना तेज आंधी के कारण हुई। उन्होंने बताया कि इस घटना से सबक लेते हुए सभी स्टेशनों पर रखी कुर्सियों को स्थायी रूप से कंक्रीट में फिक्स करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि रेल प्रशासन यात्री सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।



Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!