छत्तीसगढ़

आम में मैंगो हॉपर का प्रकोप और नियंत्रण के उपाय

जशपुर / मैंगो हॉपर आम के पेड़ों में लगने वाला एक प्रमुख कीट है। यह खासकर फूल आने के समय-मंजर आने पर ज्यादा नुकसान करता है। यह कीट पत्तियों और मंजरियों का रस चूसता है जिससे फल बनने की क्षमता कम हो जाती है।
      
उद्यान विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार मंजरियों और नई पत्तियों पर छोटे-छोटे हरे व भूरे कीट दिखाई देते हैं यही इसकी पहचान होती है। पत्तियां और मंजरियां चिपचिपी हो जाती हैं। उस पर काली फफूंदी जम जाती है। फूल झड़ जाते हैं और फल कम बनते हैं।


      
इसके प्रभावी समाधान के लिये कृषकों सुबह या शाम के समय एजाडिरेक्टिन 10000 पीपीएम में 01 एमएल प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करना चाहिए। नीम तेल का 0.5 से 1 प्रतिशत 05 से 10 एमएल लीटर पानी के साथ छिड़काव करना चाहिए। 

यदि प्रकोप ज्यादा हो तो इनमें से किसी एक दवा का छिड़काव करें कीटनाशक का नाम मात्रा छिड़काव किया जा सकता है। इनमें प्रति लीटर पानी के साथ इमिडाक्लोप्रिड 0.3 मिली प्रति लीटर पानी थियामेथोक्सम 0.4 ग्राम प्रति लीटर पानी लैम्ब्डा-साइहेलोथिन 1.0 मिली प्रति लीटर पानी 10-15 दिन के अन्तराल में 2-3 बार छिड़काव करने से अच्छा नियंत्रण मिलता है।
           इसके साथ ही पेडों की घनी टहनियों को काटें ताकि धूप और हवा अंदर तक जा सके, जिससे हॉपर का पनपना कम हो, बाग की नियमित सफाई करें। जब फल मटर के दाने के बराबर हो जाएं, तब हल्की सिंचाई शुरू करें और नमी बनाए रखें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!