छत्तीसगढ़

बिलासपुर में बर्ड फ्लू के बाद शुद्धिकरण पूरा, 30 हजार मुर्गियों के खात्मे के बाद कोनी परिक्षेत्र सैनिटाइज


कोनी शासकीय कुक्कुट पालन परिक्षेत्र में संक्रमण की रोकथाम के लिए 30 हजार मुर्गियों को जमींदोज करने के बाद अब पूरे परिसर को वैज्ञानिक विधि से विसंक्रमि …और पढ़ें

Publish Date: Sun, 05 Apr 2026 09:53:17 PM (IST)Updated Date: Sun, 05 Apr 2026 09:53:17 PM (IST)

बिलासपुर में बर्ड फ्लू के बाद शुद्धिकरण पूरा, 30 हजार मुर्गियों के खात्मे के बाद कोनी परिक्षेत्र सैनिटाइज
नए चूजों के प्रवेश पर फिलहाल पूरी तरह रहेगी रोक।

HighLights

  1. सैनिटाइजेशन के बाद कलिंग क्षेत्र की कड़ी निगरानी
  2. पशु चिकित्सा विभाग ने तैयार किया सुरक्षा प्रोटोकॉल
  3. नए चूजों के प्रवेश पर फिलहाल पूरी तरह रहेगी रोक

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। कोनी शासकीय कुक्कुट पालन परिक्षेत्र में बर्ड फ्लू के संक्रमण के बाद शुरू किया गया सैनिटाइजेशन का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। संक्रमण की रोकथाम के लिए 30 हजार मुर्गियों को जमींदोज करने के बाद अब पूरे परिसर को वैज्ञानिक विधि से विसंक्रमित किया गया है। सोमवार को दिल्ली से चार सदस्यीय केंद्रीय टीम सुबह 10 बजे कोनी पहुंचकर संवेदनशील परिक्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण करेगी और अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेगी।

गहन जांच की तैयारी

कोनी कुक्कुट केंद्र में वायरस की पुष्टि के बाद प्रशासन ने लगभग 30 हजार चूजों और मुर्गियों की कलिंग की थी। परिसर को पूरी तरह सुरक्षित करने के लिए सैनिटाइजेशन पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, केंद्रीय टीम के निरीक्षण के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत परिसर की दो बार गहन जांच की जाएगी। दोनों जांच की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही केंद्र में दोबारा कुक्कुट पालन और व्यावसायिक गतिविधियां शुरू करने की अनुमति दी जाएगी।

केंद्रीय टीम की निगरानी

बहरहाल संक्रमण को देखते हुए पूरे क्षेत्र की कड़ी निगरानी अब भी जारी है। अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली से आने वाली विशेषज्ञ टीम कोनी के शासकीय फार्म के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में किए गए निस्तारण कार्यों का भी निरीक्षण करेगी। टीम यह देखेगी कि क्या संक्रमण की चेन को पूरी तरह तोड़ने के लिए निर्धारित मानकों का पालन किया गया या नहीं। उनकी हरी झंडी मिलने के बाद ही जिला प्रशासन आगामी कार्ययोजना तैयार करेगा।

दोबारा संचालन के लिए कड़ी शर्तें

पशु चिकित्सा विभाग के अनुसार, सैनिटाइजेशन के बाद केंद्र को दोबारा शुरू करना एक लंबी प्रक्रिया है। पहले चरण में सैंपलिंग की जाएगी, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आनी चाहिए। इसके कुछ अंतराल के बाद पुनः दूसरी जांच होगी। जब तक दोनों बार वायरस की अनुपस्थिति सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक नए चूजों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।

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सुबह 10 बजे पहुंचेगी केंद्रीय टीम

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, केंद्र की चार सदस्यीय टीम सुबह 10 बजे कोनी पहुंचेगी। यह टीम सैनिटाइजेशन की गुणवत्ता और निस्तारण के लिए अपनाई गई वैज्ञानिक पद्धति का सूक्ष्मता से परीक्षण करेगी। टीम की संतुष्टि के बाद ही आगे के सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे।

कोनी कुक्कुट परिक्षेत्र में सैनिटाइजेशन का कार्य अंतिम चरण में है। सोमवार सुबह 10 बजे चार सदस्यीय केंद्रीय टीम निरीक्षण के लिए पहुंच रही है। नियमों के तहत दो बार निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद ही वहां दोबारा कामकाज शुरू हो सकेगा। हम सुरक्षा मानकों का पूरी तरह से पालन कर रहे हैं।- डॉ. जीएसएस तंवर, संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा विभाग बिलासपुर



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