छत्तीसगढ़

सही मार्गदर्शन और धैर्य से निखरती हैं ऑटिज़्म बच्चों की प्रतिभाएं, एक्सपर्ट ने कही ये बात



World Autism Awareness Day: वर्ल्ड ऑटिज्म अवेयरनेस डे के अवसर पर बिलासपुर में ऑटिज्म से जुड़े बच्चों के विकास, शिक्षा और समाज की भूमिका को लेकर पीडियाट्रिक रिहैबिलिटेशन एवं स्पीच थैरेपिस्ट ध्रुव वाजा से विशेष बातचीत की गई। आठ वर्षों के अनुभव के साथ उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑटिज़्म कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है, जिसे सही समय पर समझकर और स्वीकार कर बच्चों की क्षमताओं को निखारा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इन बच्चों को विशेष नहीं, बल्कि “अलग तरीके से समझने” की जरूरत है। पेश उनसे बातचीत के प्रमुख अंश…



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