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आईआईटी भिलाई ने जोड़े मुंबई उद्योग जगत से तार, टैलेंट क्रिएशन फाॅर विकसित भारत पर की राउंड टेबल चर्चा

नईदुनिया प्रतिनिधि, भिलाई। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) भिलाई ने देश के उद्योग जगत के साथ अपने जुड़ाव को और मजबूत करने की दिशा में पहल की है। संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश ने 11 सितंबर को मुंबई में उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ विशेष बैठक की।

मुंबई के द आर्किड, विलेपार्ले में आयोजित इस राउंडटेबल का विषय टैलेंट क्रिएशनफार विकसित भारत रखा गया था। बैठक का उद्देश्य उद्योगों की बदलती जरूरतों को समझना और उसके अनुरूप तकनीकी प्रतिभाओं को तैयार करने के लिए संस्थान और कंपनियों के बीच सहयोग के नए रास्ते तलाशना था।

बंद कमरे में हुई इस विशेष चर्चा में 30 से अधिक प्रमुख कंपनियों के 50 से ज्यादा वरिष्ठ अधिकारी, कारपोरेट प्रमुख, वाइस प्रेसिडेंट और मानव संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। प्रो. राजीव प्रकाश ने इस दौरान आईआईटी भिलाई की शैक्षणिक क्षमताओं, संस्थान की प्राथमिकताओं और विद्यार्थियों के प्रशिक्षण से जुड़ी संभावनाओं की जानकारी उद्योग प्रतिनिधियों के साथ साझा की।

उन्होंने बताया कि तकनीक के क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए जरूरी है कि वे उद्योगों की वास्तविक जरूरतों को समझें और विद्यार्थियों को उसी अनुरूप तैयार करें। इस दिशा में उद्योगों के साथ नियमित संवाद, संयुक्त शोध परियोजनाएं और विद्यार्थियों के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

बैठक में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने आईआईटी भिलाई की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि संस्थान के निदेशक द्वारा सीधे उद्योगों तक पहुंचकर उनकी जरूरतों और तकनीकी चुनौतियों को समझने का प्रयास महत्वपूर्ण है। इससे शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी कम करने में मदद मिलेगी। चर्चा के दौरान कंपनियों की ओर से आईआईटी भिलाई के विद्यार्थियों को उद्योग आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराने, शोध के क्षेत्र में सहयोग करने और भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप प्रतिभाओं को विकसित करने की संभावनाओं पर सकारात्मक रुख सामने आया। कई संस्थानों ने आईआईटी भिलाई के साथ आगे भी जुड़कर काम करने में रुचि दिखाई।

आईआईटी भिलाई की ओर से उद्योग जगत के साथ इस तरह की चर्चा को संस्थान की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना नहीं, बल्कि शोध और नवाचार को भी उद्योग की जरूरतों से जोड़ना है। इससे विद्यार्थियों को वास्तविक औद्योगिक समस्याओं पर काम करने का अवसर मिल सकता है और कंपनियों को प्रशिक्षित तकनीकी मानव संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। बैठक के अंत में कई कंपनियों ने आईआईटी भिलाई के साथ सहयोग को लेकर मजबूत प्रतिबद्धता जताई। इससे आने वाले समय में संस्थान और उद्योगों के बीच संयुक्त शोध, प्रशिक्षण तथा अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के लिए नए अवसर बनने की उम्मीद है।

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