छत्तीसगढ़

पति की हत्या कर लाश सूटकेस में छिपा मुंबई भागने की बना रही थी योजना, रास्ते में हुई गिरफ्तार, कोर्ट ने सुनाया आजीवन कारावास


पति की हत्या कर शव को सूटकेस में छिपाने के मामले में आरोपित पत्नी मंगरीता बाई को कुनकुरी के द्वितीय अपर सत्र न्यायालय ने दोषी पाते हुए आजीवन कारावास क…और पढ़ें

Publish Date: Thu, 30 Jul 2026 08:04:18 PM (IST)Updated Date: Thu, 30 Jul 2026 08:06:15 PM (IST)

पति की हत्या कर लाश सूटकेस में छिपा मुंबई भागने की बना रही थी योजना, रास्ते में हुई गिरफ्तार, कोर्ट ने सुनाया आजीवन कारावास

HighLights

  1. छत्तीसगढ़ के जशपुरनगर जिले की घटना
  2. दुलदुला थाने का बहुचर्तित हत्याकांड है
  3. लाश को ठिकाने लगाने का प्रयास किया

नईदुनिया प्रतिनिधि, जशपुरनगर। पति की हत्या कर शव को सूटकेस में छिपाने के मामले में आरोपित पत्नी मंगरीता बाई को कुनकुरी के द्वितीय अपर सत्र न्यायालय ने दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिले का यह बहुचर्तित हत्याकांड दुलदुला थाना क्षेत्र के भिंजपुर गांव में 7 नवंबर 2025 को सामने आया था।

जानकारी के अनुसार भिंजपुर निवासी संतोष भगत और उसकी पत्नी आरोपित मंगरीता बाई का विवाह के बाद से ही विवाद होता रहता था। विवाद से तंग आकर आरोपित मंगरीता बाई रोजगार की तलाश में मुंबई चली गई थी।

रिश्तेदार के साथ कथित संबंध को लेकर विवाद हुआ

लंबे समय के बाद मुंबई से वापस अपने घर भिंजपुर लौटने पर 7 नवंबर 2025 की रात को पति-पत्नी में आरोपित मंगरीता का उसके एक रिश्तेदार के साथ कथित संबंध को लेकर विवाद हुआ। विवाद के दौरान आरोपित महिला मंगरीता बाई ने मसाला पिसने वाले बट्टे से पति के सिर पर वार कर दिया।

सिर में आए गहरे चोट और अत्यधिक रक्त स्त्राव से पति संतोष भगत की मौके पर ही मौत हो गई। पति के शव को आरोपित मंगरीता बाई ने एक ट्राली सूटकेस में भरकर घर को बाहर से बंद कर दिया और फर्श पर फैले हुए खून को साफ कर दिया।

महिला ने लाश को ठिकाने लगाने का प्रयास किया

आरोपित महिला ने लाश को ठिकाने लगाने का प्रयास किया लेकिन भारी होने के कारण वह सफल नहीं हो सकी। दूसरे दिन घर को बाहर से लाक कर वह मुंबई फरार होने के इरादे से रायगढ़ निकल गई थी। घटना के दूसरे दिन देर तक संतोष के बाहर ना निकलने पर स्वजनों ने पुलिस की उपस्थिति में दरवाजा तोड़े जाने पर लोमहर्षक हत्याकांड सामने आया था।

जशपुर पुलिस की टीम ने मुंबई की ओर जा रही आरोपित मंगरीता बाई को रास्ते से गिरफ्तार करते हुए कुनकुरी के न्यायालय में चार्जशीट पेश किया था। कुनकुरी के द्वितीय अपर सत्र न्यायधीश बलराम देवांगन ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीले और प्रस्तुत किए गए साक्ष्य एवं गवाहों का परीक्षण करने के बाद आरोपित मंगरीता बाई को बीएनएस की धारा 103 (1) हत्या के आरोप में स्रम आजीवन कारावास और 1000 अर्थदंड और बीएनएस की धारा 238 साक्ष्य मिटाने के आरोप में 3 साल सश्रम कारावास और 500 के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

अपने निर्णय में न्यायालय ने इस तरह के जघन्य हत्या के मामले मंन किसी प्रकार की नरमी को न्याय और समाज दोनो के हित में स्वीकार्य नहीं होने की टिप्पणी भी की है।

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