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1 हजार रुपए के मोबाइल बकाया में दोस्त की हत्या, लकड़ी के फाड़े से सिर पर दो वार; आरोपी गिरफ्तार

जशपुर जिले के बगीचा थाना क्षेत्र के ग्राम जुरगुम-तुर्रापानी जंगल में मिले अज्ञात युवक के शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस के अनुसार महज एक हजार रुपए के मोबाइल के बकाया लेनदेन को लेकर हुए विवाद में आरोपी ने अपने ही दोस्त राजेश दास की हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी शव को कार में बैठाकर जुरगुम रपटा पुलिया के पास जंगल में ले गया और टेकरी के पीछे फेंक दिया। इसके बाद पुलिस से बचने के लिए हत्या में प्रयुक्त लकड़ी का फाड़ा, मृतक का मोबाइल और घटना के समय पहने कपड़ों को अलग-अलग नदियों में फेंककर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया। पुलिस ने मामले में ग्राम झगरपुर निवासी कृष्णा उर्फ कैलाश यादव (30) को गिरफ्तार किया है। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लाल रंग की स्विफ्ट कार भी उसके घर से बरामद की गई है। आरोपी के खिलाफ हत्या और साक्ष्य नष्ट करने के मामले में बीएनएस की धारा 103(1) और 238 के तहत कार्रवाई की गई है।

पुलिस के मुताबिक 23 सितंबर 2026 को ग्राम जुरगुम-तुर्रापानी जंगल क्षेत्र में रपटा पुलिया के पास टेकरी के पीछे एक अज्ञात पुरुष का शव पड़ा होने की सूचना मिली थी। ग्रामीण मनियारो बाई ने शव देखा और इसकी जानकारी गांव में दी। इसके बाद युगल किशोर साय ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा किया। मृतक ने पीले रंग की टी-शर्ट और ग्रे रंग का लोवर पहन रखा था। उसके सिर के पीछे चोट के निशान और खून दिखाई दे रहा था। शुरुआत में शव की पहचान नहीं हो सकी। रात में चेहरा स्पष्ट दिखाई देने के बावजूद बाद में किसी जंगली जानवर द्वारा चेहरा क्षतिग्रस्त कर दिए जाने से पहचान और मुश्किल हो गई थी। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया। चिकित्सकीय जांच में मौत हत्यात्मक पाए जाने के बाद अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के गांवों में मृतक के संबंध में जानकारी जुटाई। इसके बाद मृतक की पहचान ग्राम विमड़ा निवासी राजेश दास के रूप में हुई। पुलिस ने उसके परिजनों, साथियों और अन्य लोगों से पूछताछ की। तकनीकी एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस का संदेह ग्राम झगरपुर निवासी कृष्णा उर्फ कैलाश यादव पर गया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस के अनुसार आरोपी ने बताया कि राजेश दास से मोबाइल फोन के एक हजार रुपए बकाया को लेकर विवाद चल रहा था।

आरोपी के अनुसार 23 सितंबर को वह राजेश दास और एक अन्य व्यक्ति के साथ अलग-अलग स्थानों पर गया था। बाद में दूसरे व्यक्ति को रास्ते में उतारने के बाद आरोपी और राजेश कार से जुरगुम रपटा पुलिया की ओर गए। जानकारी के अनुसार कृष्णा ने राजेश को अपना ओप्पो कंपनी का एक मोबाइल 6000 कहर में बेचा था, राजेश ने उसे 5 हजार दिए थे। वहां मोबाइल के बकाया पैसे को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने राजेश को कार से नीचे उतारा और जमीन पर पड़े लकड़ी के फाड़े से उसके सिर पर दो बार वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से राजेश जमीन पर गिर गया। इसके बाद आरोपी ने शव को उठाकर टेकरी के पीछे फेंक दिया।

पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद आरोपी ने पुलिस से बचने के लिए साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया। हत्या में इस्तेमाल लकड़ी का फाड़ा और राजेश का मोबाइल आरोपी ने मैनी नदी में फेंक दिया। वहीं घटना के समय पहने कपड़ों को डोड़की नदी में फेंकने की बात सामने आई है। आरोपी ने अपनी लाल रंग की स्विफ्ट कार को भी धोया, ताकि उसमें मौजूद संभावित साक्ष्य नष्ट किए जा सकें। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर कार को उसके घर से बरामद कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने और अपराध स्वीकार किए जाने के बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। साक्ष्य नष्ट करने के प्रयास के कारण हत्या की धारा 103(1) बीएनएस के साथ धारा 238 बीएनएस भी जोड़ी गई है।

ASP राकेश कुमार पाटनवार ने बताया कि जुरगुम जंगल में मिले अज्ञात शव की जांच के दौरान मृतक की पहचान राजेश दास के रूप में हुई। पुलिस ने परिजनों और परिचितों से पूछताछ के साथ तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। जांच में मोबाइल के बकाया एक हजार रुपए को लेकर आरोपी कृष्णा उर्फ कैलाश यादव से विवाद की बात सामने आई। आरोपी ने हत्या के बाद शव को जंगल में फेंकने और साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

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