छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में मतांतरणरोधी नए कानून को कैबिनेट की मंजूरी, इसी बजट सत्र में होगा पेश


राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। राज्य सरकार ने जबरन मतांतरण रोकने के लिए नए कानून को मंजूरी दे दी है। इसी बजट सत्र में छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्रय विधेयक, 2026 विधानसभा में पेश किया जाएगा। मंगलवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई निर्णय लिए है। सूत्रों के अनुसार मतांतरण कानून लागू हुआ तो स्वैच्छिक मतांतरण करने से कम से कम 60 दिन पहले जिला मजिस्ट्रेट को लिखित सूचना देनी होगी।

बलपूर्वक, प्रलोभन, छल-कपट या धोखाधड़ी से कराए गए मतांतरण पर 10 साल तक की जेल और भारी जुर्माने का प्रविधान है। यदि सामूहिक रूप से मतांतरण कराया जाता है, तो सजा और भी कठोर होगी। मतांतरण के बाद 60 दिनों के भीतर एक घोषणा पत्र भरना होगा और प्रशासन इसकी जांच करेगा कि यह स्वेच्छा से हुआ है या नहीं।

कोर्ट पीड़ित को पांच लाख रुपये तक का मुआवजा दिलाने का आदेश दे सकता है। सरकार का दावा है कि राज्य में अब एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तन के लिए बल प्रयोग, प्रलोभन, कपटपूर्ण नीति व साधनों, अनुचित प्रभाव या मिथ्या निरूपण पर प्रभावी ढंग से रोक लगाना है।

कर्मचारी चयन मंडल का होगा गठन

राज्य शासन के विभिन्न कार्यालयों में तकनीकी और गैर तकनीकी तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के नियुक्तियों के लिए उम्मीदवारों के चयन और परीक्षा आयोजित करने के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया जाएगा। इसके लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक, 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

इसी तरह भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इस विधेयक का उद्देश्य लोक परीक्षा प्रणाली में अधिक पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को कायम करना है।

मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए ये अन्य फैसले

राजनीतिक मामले वापस

मंत्रिपरिषद की उप-समिति की सिफारिश पर 13 राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े केसों को कोर्ट से वापस लेने की मंजूरी दी गई।

सौर ऊर्जा एवं बायोगैस अनुदान : सोलर हाईमास्ट

वर्ष 2024-26 के लिए 1.50 लाख का अनुदान। भविष्य में निविदा दर का 30% या 1.50 लाख (जो कम हो)मिलेगा। – बायोगैस संयंत्र: सभी क्षमताओं के लिए 9,000 प्रति संयंत्र का अनुदान तय किया गया।

पंजीयन शुल्क में राहत

‘छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक 2026’ को मंजूरी। अब संपत्ति के पंजीयन पर लगने वाला 12% अतिरिक्त उपकर समाप्त कर दिया गया है (यह शुल्क पूर्ववर्ती राजीव गांधी मितान क्लब योजना के लिए लिया जा रहा था)।

कानूनी संशोधन

नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम में संशोधन, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम, 1972 में संशोधन और भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 40, 50 और 59 में संशोधन के प्रारूप को हरी झंडी।

खेल को बढ़ावा

राजनांदगांव जिला क्रिकेट एसोसिएशन को पांच एकड़ भूमि आवंटित करने का निर्णय। यहां अत्याधुनिक क्रिकेट अकादमी और खेल मैदान बनेगा।

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