धर्मांतरित महिला का शव गांव में दफनाने से रोका:ग्रामीणों ने नहीं दी अनुमति, प्रशासन-पुलिस की मौजूदगी में सुकमा ले जाने पर बनी सहमति


सुकमा जिले की कोर्रा पंचायत के धुरवारास गांव में एक धर्मांतरित परिवार की 60 साल की महिला सोढ़ी जोगी की मौत के बाद अंतिम संस्कार को लेकर विवाद हो गया। परिवार महिला को गांव में ही दफनाना चाहता था। हालांकि, ग्रामीणों ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसके बाद प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में महिला के शव को सुकमा ले जाकर दफनाने पर सहमति बनी। परिजनों के मुताबिक, सोढ़ी जोगी लंबे समय से बीमार थीं और शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे उनकी मौत हो गई। परिवार चाहता था कि महिला को उसी जमीन पर दफनाया जाए, जहां वे खेती करते हैं। लेकिन ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि परिवार ने ईसाई धर्म अपना लिया है, इसलिए गांव में अंतिम संस्कार नहीं हो सकता। अफसर पहुंचे गांव शुक्रवार शाम को ग्रामीणों की बैठक हुई। सूचना मिलने पर डिप्टी कलेक्टर और पुलिस टीम गांव पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों से बातचीत की गई। स्थिति शांत होने के बाद पुलिस टीम लौट गई थी, लेकिन सावधानी के तौर पर शनिवार सुबह करीब 5 बजे फिर गांव पहुंची। परिवार के सदस्य हिरमा सोढ़ी ने बताया कि वे महिला को अपनी खेती की जमीन पर दफनाना चाहते थे। लेकिन गांव वालों ने इसकी इजाजत नहीं दी। अब शव को सुकमा के कब्रिस्तान ले जाकर दफनाने का फैसला लिया गया है। पांच साल पहले ईसाई धर्म अपनाया था बताया गया कि सोढ़ी जोगी के परिवार के सदस्य सोढ़ी विजय ने करीब पांच साल पहले ईसाई धर्म अपनाया था। गांव में करीब 8 परिवारों ने ईसाई धर्म अपनाया है। इसी वजह से गांव में पहले भी विवाद हो चुका है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, अप्रैल 2023 में भी धर्मांतरण को लेकर गांव में विवाद हुआ था। तब धर्म बदलने वाले परिवारों के घर जला दिए गए थे। इसी पुराने विवाद को देखते हुए प्रशासन ने इस बार सावधानी बरती। गांव प्रमुख ने दी थी पुलिस को सूचना परिजनों के अनुसार गांव के प्रमुख ने गांव में अंतिम संस्कार किए जाने की सूचना पुलिस को दी थी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में अंतिम संस्कार की अनुमति नहीं दी जाएगी और शव को सुकमा ले जाया जाए। बातचीत के बाद परिवार भी शव को सुकमा ले जाने के लिए तैयार हो गया। पुलिस बल तैनात प्रशासन ने पूरे मामले में स्थिति को शांत बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया है। फिलहाल शव को सुकमा ले जाकर कब्रिस्तान में दफनाने की तैयारी की जा रही है। गौरतलब है कि कोर्ट के निर्णय अनुसार प्रशासन ने सुकमा शव ले जाने की बात ग्रामीणों से कही उसके बाद यह निर्णय लिया गया। भीमा कुंजाम पूर्व सरपंच ने बताया कि पुरखो से साथ में रह रहे है, कई बार धर्म नहीं अपनाने की समझाइश दी गई लेकिन नहीं माने, इसलिए हम लोगों ने फैसला लिया कि हमारे गांव में देवी – देवता है जो लोग उन्हें नहीं मानते उन्हें यहां दफना ने नहीं देंगे। हम लोगों के प्रशासन को सूचना दी और शांतिपूर्ण सहमति बनी।




