West Asia Crisis Live:ईरान में सातवें दिन भी अमेरिकी हमले जारी, तेहरान की चेतावनी-अब आर-पार की होगी लड़ाई – West Asia Crisis Live Updates Iran Us War Hormuz Airstrikes On Bridges And Water Plant Irgc Pezeshkian Trump

08:38 AM, 18-Jul-2026
कुवैत ने दूसरी बार ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों का दिया जवाब
कुवैती सेना ने कहा है कि वह ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब दे रही है। सेना ने नागरिकों से अधिकारियों द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की है। पिछले कुछ घंटों में यह दूसरी बार है जब कुवैती सेना ने अपने क्षेत्र की ओर आने वाले शत्रुतापूर्ण लक्ष्यों को निशाना बनाया है। अधिकारियों ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
08:38 AM, 18-Jul-2026
अमेरिका ने जास्क और बंदर अब्बास के पास किए हमले
ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार, शनिवार तड़के अमेरिका ने जास्क के आसपास के इलाके में सैन्य हमला किया। फिलहाल इस हमले में हुए नुकसान या हताहतों की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं बंदर अब्बास-रूदान मार्ग पर अमेरिकी हमले में दो महत्वपूर्ण पुलों को भारी नुकसान पहुंचा। रिपोर्ट के मुताबिक इन हमलों में कई ईरानी नागरिकों की मौत हुई है और कई अन्य घायल हुए हैं।
08:38 AM, 18-Jul-2026
बहरीन में तीसरी बार गूंजे एयर रेड सायरन
बहरीन में कुछ ही घंटों के भीतर तीसरी बार एयर रेड सायरन बजाए गए। अधिकारियों ने सभी नागरिकों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की है। सुरक्षा एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं और आगे की जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
08:38 AM, 18-Jul-2026
खोर्रमाबाद में धमाकों की खबर
ईरानी मीडिया ने लुरेस्तान प्रांत के शहर खोर्रमाबाद में कई विस्फोटों की सूचना दी है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ये धमाके कुवैत की दिशा से दागी गई अमेरिकी मिसाइलों के कारण हुए। हालांकि, इस संबंध में नुकसान और हताहतों का आधिकारिक ब्योरा अभी जारी नहीं किया गया है।
08:37 AM, 18-Jul-2026
जॉर्डन ने 10 ईरानी मिसाइलें मार गिराईं
जॉर्डन की सेना ने कहा है कि शनिवार तड़के उसके हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली 10 ईरानी मिसाइलों को वायु रक्षा प्रणाली ने सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। सेना के अनुसार यह कार्रवाई देश की संप्रभुता की रक्षा और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई। इस घटना में किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं है। सेना की इंजीनियरिंग इकाइयों ने मिसाइलों के मलबे को हटाने और प्रभावित क्षेत्रों को सुरक्षित करने का काम शुरू कर दिया है।
08:33 AM, 18-Jul-2026
होर्मुज से जहाजों की आवाजाही में बड़ी गिरावट
अमेरिका और ईरान के बीच फिर बढ़े सैन्य तनाव का असर दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी दिखाई देने लगा है। जहाजों की ट्रैकिंग करने वाली वेबसाइट मरीन ट्रैफिक के अनुसार, गुरुवार को जलडमरूमध्य के निगरानी वाले हिस्से से केवल आठ जहाजों के गुजरने की पुष्टि हुई, जबकि एक दिन पहले यह संख्या 15 थी। यह पिछले तीन सप्ताह का सबसे निचला स्तर है। मरीन ट्रैफिक ने बताया कि आठ में से सात जहाजों ने ईरान वाले समुद्री मार्ग का इस्तेमाल किया, जबकि ओमान वाले मार्ग से कोई भी जहाज नहीं गुजरा। इसके अलावा, तथाकथित ‘शैडो फ्लीट’ की भी कोई गतिविधि दर्ज नहीं की गई।
07:12 AM, 18-Jul-2026
बहरीन में फिर गूंजे हवाई हमले के सायरन, लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के बीच बहरीन में कुछ ही घंटों के भीतर दूसरी बार हवाई हमले के सायरन गूंज उठे हैं। सायरन की आवाज सुनते ही प्रशासन ने तुरंत अलर्ट जारी किया है। बहरीन के गृह मंत्रालय ने नागरिकों और प्रवासियों से शांत रहने और तुरंत नजदीकी सुरक्षित बंकरों या आश्रयों में जाने की अपील की है। सूत्रों के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर दागे जा रहे ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण यह आपातकालीन सायरन बजाए गए हैं। स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर रख रहा है।
07:09 AM, 18-Jul-2026
ईरान की अमेरिका को खुली चेतावनी; हमले न रुके तो शुरू करेंगे ‘महा-आक्रामक अभियान’
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को दोनों देशों ने एक-दूसरे पर कई ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। अमेरिका ने लगातार सातवीं रात ईरान के ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेना का कहना है कि वे ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर कर रहे हैं। दूसरी तरफ, ईरान ने अमेरिका पर अपने हवाई अड्डे और पुलों जैसे नागरिक ठिकानों को बर्बाद करने का आरोप लगाया है। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए हैं। ईरान के सैन्य सलाहकार ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका के हमले नहीं रुके, तो वे बहुत बड़ा आक्रामक अभियान शुरू कर देंगे। इस भारी गोलाबारी के बाद पूरे क्षेत्र में युद्ध का खतरा गहरा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि हमले नहीं रुके तो हम आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं।
04:01 AM, 18-Jul-2026
पश्चिम एशिया: टकराव बढ़ने पर आस-पास के देशों का हाल क्या?
ओमान की खाड़ी पर स्थित ईरान के चाबहार बंदरगाह पर एक टावर ढह गया। ये पड़ोसी देश अफगानिस्तान के लिए एक महत्वपूर्ण व्यापार मार्ग है। चाबहार बंदरगाह को ईरान भारत के समर्थन से चला रहा था। अंतरिम युद्धविराम के बाद शुरू हुए टकराव के दौरान अमेरिकी हवाई हमलों में इस बंदरगाह को भी कई बार निशाना बनाया गया है। ईरान में हमले से ध्वस्त हुए टावर के संबंध में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि इस केंद्र का इस्तेमाल ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के अधिकारी करते हैं। इस टावर की मदद से वाणिज्यिक जहाजों को ‘ट्रैक कर निशाना बनाया’ जाता था। अमेरिका ने इसे ईरान के समुद्री निगरानी नेटवर्क का हिस्सा बताया है।
- ईरान ने युद्ध में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे कतर को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई की।
- कतर ने दो बार जनता को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की चेतावनी दी।
- ईरान ने बहरीन और कुवैत को भी निशाना बनाया है।
- जॉर्डन की सेना ने कहा, शुक्रवार को ईरान की तरफ से दागी गई तीन मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया गया।
- उत्तरी इराक के अर्ध-स्वायत्त कुर्द क्षेत्र के इरबिल और सुलेमानिया में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं। हमले में नौ लोग मारे गए, कई अन्य घायल हुए।
03:51 AM, 18-Jul-2026
ईरान में पुलों और बिजली आपूर्ति अवसंरचना को कितना नुकसान?
अमेरिका की तरफ से किए गए हमलों की जानकारी ईरान की सरकारी टेलीविजन पर दी गई। इसके अनुसार, शुक्रवार को ईरान के दक्षिणी प्रांत होर्मोजगान में अमेरिकी हवाई हमलों में पुलों को निशाना बनाया गया। ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य पर स्थित ईरान के तटीय शहर बंदर खमीर को निशाना बनाकर किए गए। ईरान के मुताबिक राजमार्ग और रेलवे पुलों पर किए गए अमेरिकी हमले ईरान के मुख्य बंदरगाह बंदर अब्बास और तेहरान के बीच सड़क संपर्क काटने के मकसद से किए गए लगते हैं। तेहरान ने स्वीकार किया है कि अमेरिकी हवाई हमले के दौरान ‘बिजली के बुनियादी ढांचे’ को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, किन क्षेत्रों को निशाना बनाया गया ये जानकारी सामने नहीं आई है। ऊर्जा मंत्रालय ने दक्षिणी प्रांतों में रहने वाले लोगों से कम बिजली का उपयोग करने की अपील की है।



